बाबुल की नदी पर विरह
बेबीलोन की नदियों के किनारे की धूल कुछ अजीब थी। महीन और पीली, पर चिपचिपी। ऐसी लगती थी जैसे यह धरती ही नहीं, बल्कि हमारे सारे सपनों को पीसकर बनाई गई राख है। हवा चलती तो यह धूल हमारे कपड़ों,…
इतिहास का गीत: दाऊद की लेखनी से
वह सुबह थी जब बूढ़े दाऊद ने अपनी लिखने की तख्ती सम्हाली। महल की छत पर खड़े होकर उन्होंने यरूशलेम को निहारा, पर उनकी आँखें तो कहीं और थीं – समय के पार, उस रेतीले मैदान में, जहाँ से सब…
अनंत धन की खोज
वह दिन बहुत भारी था। हवा में उमस थी, और आसफ़ के मन का बोझ हवा से भी ज़्यादा गहरा। चलते-चलते उसके पाँव उसे शहर के बाहर, एक पुराने बरगद के पेड़ के नीचे ले आए, जहाँ से पूरा नगर…
विश्वासघात और चंगाई की कथा
वह दिन भी क्या दिन था। सुबह से ही आसमान में सघन, स्लेटी बादल छाए थे, मानो स्वर्ग का कोई बोझ धरती पर उतरने को हो। हवा में नमी थी, और उस नमी में मेरे घावों की पीड़ा और बढ़…
वाचा का नवनिर्माण
यरूशलेम की दीवारों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका था, पर एक और काम बाकी था। वह दीवार से भी ऊँची, और पत्थर से भी मजबूत वाचा बाँधने का काम था। नहेम्याह उस सुबह बहुत जल्दी उठ गया। उसके…
मंदिर की मरम्मत और राजा का पतन
यरूशलेम की सुबह थी, ओस से भीगी हुई। राजमहल के पत्थरों पर सूरज की पहली किरणें फिसल रही थीं, पर उसके भीतर का वातावरण अजीब सा भारी था। योआश, जो सात वर्ष की आयु से ही राजा बना बैठा था,…
गिनती का पाप और दाऊद का पश्चाताप
येरूशलेम के महल की छाया में दाऊद बैठा था, पर उसका मन अशांत था। राज्य स्थिर था, शत्रु परास्त हो चुके थे, पर एक विचित्र खालीपन, एक ऐसी जड़ता उसे घेरे हुए थी जिसका नाम वह स्वीकार नहीं कर पा…
सुलैमान के राज्य की गणना
यरूशलेम की सुबह धीरे-धीरे खुल रही थी। पहाड़ियों से कोहरा सरक रहा था, और राजमहल के श्वेत पत्थरों पर सूरज की पहली किरणें टिमटिमा रही थीं। सुलैमान का राज्य, अब स्थिर और विस्तृत, एक विशाल देह की तरह सुबह की…
योशू की स्मृति में इकतीस राजा
धुप ढलने लगी थी, और गिलगाल के शिविर में आग की लपटों के चारों ओर बूढ़े योशू का घेरा सिमट आया था। हवा में भुनी हुई मछली और धूल की सुगंध थी। नए युवा सैनिक, जिनके हाथों पर अभी तलवार…
पवित्रता का पाठ
धूप चट्टानों पर तप रही थी, और हवा में धूल के महीन कण तैरते दिखाई देते थे। एलियाकीम अपने खेमे के बाहर एक पत्थर पर बैठा, अपनी हथेलियों को देख रहा था। उसके सिर के बाल उलझे हुए थे, और…



















