शुद्धि की वापसी

वह दिन ठंडी हवा के झोंकों से शुरू हुआ, जो खेतों में लहलहाती जौ की बालियों को हिला रही थी। शिमोन अपनी कुटिया के द्वार पर बैठा, लकड़ी के एक पुराने स्टूल पर अपना माथा टिकाए हुए था। शरीर में…

नियमों का जीवंत सूत्र

चिलचिलाती धूप रेगिस्तान की रेत को तपा रही थी, और मूसा के शिविर के बीचोंबीच खड़ा एलीआजर अपने पिता की छायादार तम्बू के प्रवेश द्वार पर बैठा, मन ही मन उन नए नियमों को दोहरा रहा था जो परमेश्वर ने…

सपनों का राज: यूसुफ और फिरौन

दो सपने। एक ही रात। और एक राजा जो सोच में डूब गया। नील नदी के किनारे बसे उस महान शहर में हवा भारी थी। दिन भर की चिलचिलाती धूप के बाद रात का सन्नाटा भी बेचैन करने वाला था।…

नूह और इंद्रधनुष की वाचा

धूप तेज थी, पर हवा में अब भी एक नमी, एक गंध थी—पानी और नई मिट्टी की। नूह ने जहाज के दरवाजे के बाहर खड़े होकर गहरी सांस ली। चारों तरफ सन्नाटा, एक ऐसा सन्नाटा जो उसके कानों के लिए…

काँच सागर और सात कटोरे

सब कुछ शांत था। वह शांति जो भविष्यवाणी के बाद, तूफान के पहले क्षणों में छा जाती है। स्वर्ग के उस हिस्से में, जहाँ समय की धारा ठहर सी गई थी, मैंने एक और महान और अद्भुत चिह्न देखा। आकाश…

अहंकार से समर्पण तक

वह दिन ठंड की एक हल्की सफेद चादर ओढ़े हुए था, जब मोहन ने अपनी झोपड़ी की देहरी पर बैठकर सोचा कि उसकी ज़िंदगी कहाँ जा रही है। हवा में सरसों के खेतों से आती मदहोश गंध थी, और दूर…

मिहिर: झूठे मसीह का प्रकटन

वह दिन भी क्या दिन था। हवा में एक अजीब-सी गर्माहट थी, ऐसी गर्मी जो न सिर्फ त्वचा को, बल्ती रूह को झुलसा दे। विजय अपनी झोपड़ी के बरामदे में खड़ा, दूर आसमान की तरफ देख रहा था। बादलों का…

विद्या और अटूट प्रेम

(यह कहानी एक काल्पनिक पात्र, विद्या, के जीवन के माध्यम से रोमियों 8 के सत्य को दर्शाती है। यह एक मानव रचना है, जो स्वाभाविक लय और अधूरेपन के साथ लिखी गई है।) सुबह की ठंडी हवा खिड़की से अंदर…

लंगड़े का चमत्कारिक उपचार

यरूशलेम की सुबह धीरे-धीरे खुल रही थी। मन्दिर की ओर जाने वाली सँकरी गलियों में लोगों का हलचल भरा शोर पहले ही गूँजने लगा था। पतरस और यूहन्ना, दोनों उसी भीड़ में शामिल थे, जैसे हर रोज़ होता था। वे…

क्षमा, विश्वास और राज्य का रहस्य

सूरज ढलने लगा था, और यरदन नदी के पार के उन पहाड़ों पर एक सुनहरी सी चादर बिछ रही थी। यीशु, थके हुए कदमों से, अपने चेलों के बीच चल रहे थे। रास्ता कठिन था, धूल भरा। उनके चेले आपस…