आगूर की शिक्षाएँ
यह बात है आगूर की, याकीन के पुत्र की। वह दमिश्क के उत्तर में, एक ऐसे गाँव में रहता था जहाँ से हेर्मोन पर्वत की बर्फ़ीली चोटियाँ दिखाई देती थीं। दिन ढलने का समय था। आगूर अपनी कुटिया के सामने,…
सृष्टि का महान गीत
सुबह की पहली किरण ने कैलाश पर्वत के बर्फीले शिखर को सोने जैसा रंग दिया था। वृद्ध बाबा मातानाथ, जिनकी दाढ़ी हिमखंडों जैसी सफ़ेद हो चुकी थी, अपनी कुटिया के बाहर बने पत्थर के चबूतरे पर बैठे चूल्हे पर चाय…
मौत से लौटा एक जीवन
वह दिन आज भी याद है, जब सब कुछ धुंधला सा लगने लगा था। घर की खिड़की से दिखता आम का पेड़, माँ की आवाज़, चूल्हे पर चढ़े बर्तन की खनक – सब कुछ मानो मेरे और दुनिया के बीच…
एक तीर्थयात्री की अंतिम यात्रा
यह कहानी एक बूढ़े यहूदी तीर्थयात्री की है, जिसका नाम एलीशेफ था। उसकी उम्र के साथ पैरों में एक स्थायी पीड़ा बस गई थी, पर हर साल, जब भी निसान का महीना आता, उसका मन सिय्योन की ओर बेचैन हो…
युद्ध की पूर्व संध्या पर दाऊद की प्रार्थना
यरूशलेम की सुबह धुंधली और ठंडी थी। पूर्वी आकाश में हल्की सफेदी फैलने लगी थी, पर अभी भी रात की कालिमा पहाड़ियों की तलहटी में छिपी हुई थी। राजभवन की छत पर खड़ा दाऊद ठंडी हवा को अपने चेहरे पर…
अय्यूब का हृदय-विलाप
(यह कहानी अय्यूब के शब्दों और उसके हृदय की पीड़ा को, उसी के मुख से सुनाने का प्रयास करती है। यह साहित्यिक कल्पना है, परन्तु पवित्रशास्त्र के आधार पर।) मेरी स्थिति अब ऐसी है कि जिनके बापों को मैंने अपने…
एस्तेर की विजय और नया फरमान
शहर शूशन सुबह की नरम धूप में नहाया हुआ था। महल के आँगन में चहल-पहल थी, पर रानी एस्तेर के कक्ष में एक गहरी शांति पसरी हुई थी। खिड़की से आती रोशनी उसके चेहरे पर पड़ रही थी, जो थकान…
योशिय्याह का महान फसह
यरूशलेम की सुबह थी, और ऊषा की पहली किरणें मंदिर के सफेद पत्थरों पर पड़ रही थीं, जैसे स्वर्ग की ओर से एक कोमल स्पर्श। हवा में बसंत की सुगंध थी, और जैतून के पेड़ों के पत्ते हल्के से सरसरा…
सुलैमान मंदिर का निर्माण
यरूशलेम की वह पहाड़ी, जहाँ कभी अरावना का खलिहान हुआ करता था, अब एक अद्भुत चहल-पहल से गूंज रही थी। हजारों कारीगर, राजगीर, लुहार और बढ़ई दिन-रात काम में जुटे थे। राजा सुलैमान स्वयं प्रतिदिन आता, चुपचाप खड़ा होकर निर्माण…
यरूशलेम का पतन
यह उस अंतिम गर्मी की बात है, जब यरूशलेम की हवा में भी एक तरह की चीख़ समाई हुई थी। सूरज शहर की पथरीली दीवारों पर पड़ता, तो लगता मानो सोना नहीं, खून चमक रहा हो। राजा सिदकिय्याह का शासन,…



















