एन्दोर की टोन्हा और शाऊल
शाऊल ने अपने तम्बू के खम्भे से सहारा लेकर अपना भारी शरीर उठाया। गिलबोा की पहाड़ियों पर फिलिस्तीनियों की विशाल सेना के डेरे देखे जा सकते थे – असंख्य अलावों की लपटें जो उसकी आँखों में चुभती थीं, जैसे कोई…
बिन्यामीन गोत्र का विवाह उपाय
वह साल था जब हमारी याददाश्तें अब भी धुँधली नहीं हुई थीं। हवा में जैतून के पेड़ों की सुगंध थी, और धूल हमारे चेहरों पर जमी रहती थी। मैं बूढ़ा हो चला हूँ, लेकिन उन दिनों की बातें… वे आँखों…
शेष भूमि का वादा
यहोशू बूढ़ा हो चला था। उम्र के उस पड़ाव पर जहाँ शरीर में वह पहले वाली ताकत नहीं रहती, जहाँ हड्डियों में एक स्थिर थकान बस जाती है। शिलो के डेरे में बैठा, वह आसपास के शोरगुल से परे कुछ…
ऋणमुक्ति का सातवाँ वर्ष
वह सुबह ऐसी थी जैसे परमेश्वर ने आकाश को सफेद मलमल से पोंछ दिया हो। पहाड़ियों पर जैतून के पेड़ों के बीच से उतरती हवा में नमी और धूल का मिश्रण था। एलिय्याह अपनी झोंपड़ी के सामने बैठा एक पुरानी…
कोढ़ से मुक्ति: एलियाब की वापसी
वर्षों से एलियाब ने अपनी छाया से ही बात की थी। उसकी त्वचा पर उभरे那些 सफेद धब्बे अब उसकी पहचान बन चुके थे। एक समय था जब वह शिलोह की गलियों में अपने परिवार के साथ चलता था, अब उसकी…
मीना की वापसी और न्याय
गाँव की सुबह धीरे-धीरे खुल रही थी। पूर्व दिशा में आकाश में हल्की लालिमा फैलने लगी थी, और ओस से भीगी हुई मिट्टी की सोंधी गंध हवा में तैर रही थी। शिला, जो गाँव के छोर पर एक कच्चे घर…
यूसुफ और फ़िरौन के सेवकों के स्वप्न
कारागार की उस कोठरी में हवा तक जम गई लगती थी। नमी थी, जिसमें सड़न और मिट्टी की गंध रच-बस गई थी। यूसुफ को अब इसकी आदत सी हो गई थी। दिन बीतते थे, पर समय का अहसास धुंधला सा…
जैतून की पत्ती का वादा
पानी की आवाज़ अब वह भयावह गर्जना नहीं थी जो कभी आकाश और धरती के बीच गूंजती थी। अब बस एक स्थिर, नीरस टपटपाहट थी, जो लकड़ी के मस्तूल से टकराती और नीचे बहती रहती थी। नूह ने अपना माथा…
सिय्योन पर प्रकट हुई अंतिम दृष्टि
वह सिय्योन की पहाड़ी पर खड़ा था, और हवा में एक अजीब सी गूंज थी, जैसे कोई दूर का सागर गरज रहा हो। उसकी आँखें आकाश की ओर टिकी थीं, जो शुद्ध नीलामणि की तरह चमक रहा था। फिर, ऐसा…
प्रतीक्षा में आशा की किरण
(यह कहानी प्रथम शताब्दी के मकिदुनिया के नगर थिस्सलुनीके की पृष्ठभूमि में रची गई है, और पौलुस के दूसरे पत्र के सन्दर्भ को एक कथा का रूप देती है।) हवा में पहले से ही एक तीखी सर्दी का आभास था,…



















