दाऊद की विजयों का स्वर्णिम युग
यरूशलेम की गर्मियों की धूप पत्थरों को तपा रही थी, पर दाऊद के महल के शाही आँगन में एक शीतल हवा का झोंका चल रहा था। राजा एक खुले चबूतरे पर खड़ा था, उसकी नज़रें पूर्व की ओर, यरदन पार…
पश्चाताप और विजय: शमूएल का समय
उन दिनों की बात है जब इज़राइल के लोग यहोवा को भूल चुके थे। वर्षों तक परमेश्वर का सन्दूक किर्यत-यारीम में पड़ा रहा, और लोग बाल देवताओं, अश्तोरेत की मूरतों के आगे झुकते रहे। एक पूरी पीढ़ी ऐसे ही बीत…
शिला के सामने वाचा
शेखेम की उस घाटी में हवा गर्म और भारी थी, जैसे इतिहास स्वयं साँस ले रहा हो। आकाश नीला और निष्कलंक था, परन्तु वहाँ एकत्रित हुए लोगों के मनों पर एक गहरी, गंभीर छाया मँडरा रही थी। यहोशू अब बूढ़ा…
पहली फसल का स्मरण और समर्पण
धूप इतनी तेज थी कि हवा भी थककर पहाड़ों के पीछे सो गई लगती थी। एलियाकिम की पीठ पर पसीने की धार बह रही थी, पर उसका हाथ जो जमीन पर था, वह कोमल था। उसकी उँगलियाँ उस गेहूँ की…
वाचा और पिता की छाया
धूप चट्टानों पर पिघलती हुई सी प्रतीत हो रही थी। शफात्याह अपने पिता के तम्बू के सामने बैठा, उँगलियों से रेत में कुछ अनिश्चित आकृतियाँ बना रहा था। उसके मन में एक तूफान था, और वह तूफान उसकी अपनी ही…
विश्राम और विमोचन का वर्ष
एक गर्म दोपहर थी जब एलिय्याह ने अपने जैतून के बाग की मिट्टी को उंगलियों के बीच रगड़ा। वह खुरदरी थी, थोड़ी सूखी। उसने आसपास के खेतों को देखा जहां गेहूं की बालियां सुनहरी होने लगी थीं, लेकिन उसका अपना…
शिप्रा-पुवा का साहस और इज़राइलियों का संघर्ष
यह वह दिन था जब नील का पानी सूरज की रोशनी में तांबे की तरह चमक रहा था। मिस्र की धरती पर हवा में रेत के महीन कण तैर रहे थे, और गीज़े के पिरामिड पुराने संस्मरणों की तरह खड़े…
सदोम का विनाश और लूत का उद्धार
सूरज ढल चुका था, और सदोम की हवा में एक अजीब-सी गर्मजोशी और बेचैनी मिली-जुली थी। शहर के फाटक पर बैठे लूत ने दो पदचिन्ह धूल में उभरते देखे। यात्री थे, लंबे, गम्भीर चेहरे, साधारण यात्रियों जैसे वस्त्र, पर उनकी…
अंधेरे में प्रकाश की खोज
वह शाम ठंडी थी, और हवा में सर्दी की एक झलक महसूस हो रही थी। अमर कुर्सी पर बैठा, खिड़की से बाहर देख रहा था जहाँ अँधेरा धीरे-धीरे पेड़ों को निगल रहा था। कमरे में केवल एक दीये की लौ…
पौलुस की अंतिम विरासत
रोम की उस अंधेरी कोठरी में हवा ठंडी और गीली थी, जैसे दीवारों से हमेशा के लिए सिमट गई हो। पौलुस ने एक लम्बी सांस ली। उसकी सांस का धुआं मद्धिम चिराग की लौ के सामने ठहरा रहा। उसकी कलाई…



















