गिलाद में छुटकारे की प्रतीक्षा

उन दिनों की बात है, जब न्यायी एक के बाद एक आते और जाते रहते थे, मानो पहाड़ी नालों का पानी, बरसात में भर जाता और गर्मी में सूख जाता। तोला, और फिर याईर, तेईस वर्षों तक उन्होंने इस्त्राएल का…

लाल रस्सी का वचन

यरीहो की दीवारें सूरज की ढलती किरणों में ईंट के पक्के रंग की तरह जल रही थीं। शहर के अंदर हलचल थी, लेकिन उस हलचल में एक सन्नाटा छिपा था – जैसे बादल गरजने से पहले का वक्त हो। बाजार…

वादा किनारे पर चुनाव

दोपहर की झुलसा देने वाली धूप थी, जो मोआब के उन विस्तृत मैदानों पर पसरी हुई थी। हवा में धूल के महीन कण तैर रहे थे, और दूर जॉर्डन नदी की रेखा धुंधली सी दिखाई दे रही थी। लोग इकट्ठा…

लेवियों का अभिषेक और समर्पण

सिनाई के विशाल रेगिस्तान में हवा भी धीरे चलती थी, मानो परमेश्वर के डेरे के आसपास की पवित्रता को न डुला सके। मिलाप के तम्बू के सामने का विस्तार, जहाँ रेत सुनहरी और आकाश नीला एक दूसरे से मिलते थे,…

कृतज्ञता की शांति बलि

वह सुबह ठंडी थी, पर सूरज की किरणें तम्बू के श्वेत शिखर को छूने लगी थीं। शिमोन ने अपनी भेड़ों के बाड़े की ओर देखा। कई दिनों से उसके मन में एक बात घर कर गई थी – परमेश्वर के…

पहिलौठे की अंतिम रात

रात का अँधेरा मिस्र की धरती पर एक भारी चादर-सा लिपटा हुआ था। हवा में एक अजीब-सा सन्नाटा था, जैसे किसी बड़ी आहट को सुनने के लिए प्रकृति स्वयं रुकी हुई हो। नील नदी का पानी भी धीमी गति से…

याकूब और राहेल का मिलन

यह कहानी उस समय की है जब याकूब अपने भाई एसाव के क्रोध से बचकर दूर, अपने नाना लाबान के घर की ओर जा रहा था। वह बेरशेबा से हरान के लिए निकला था, और रास्ता सुनसान और लंबा था।…

आत्मिक मृत्यु और जागृति का संदेश

वह शाम सरदीस के पुराने बाजार में ऐसे उतरी जैसे कोई थका हुआ पंछी पेड़ की सबसे निचली डाल पर बैठ जाए। हवा में जले हुए तेल और सड़े हुए फलों की गंध थी। मैं, यूहन्ना, एक खंडहर हो चुके…

अवियाह और अनंत याजक

शाम ढल रही थी। यरूशलेम के बाहर, एक पहाड़ी की तलहटी में स्थित एक छोटी सी कुटिया के सामने, अवियाह नाम का एक बूढ़ा व्यक्ति लकड़ी के एक स्टूल पर बैठा हुआ था। उसकी आँखें पश्चिम की ओर थीं, जहाँ…

पौलुस की जेल में दौड़

उस रोमी कारागार की गंध—नम पत्थर, बासी पानी, और मानवीय पीड़ा की मिली-जुली गंध—अभी भी मेरी नासिकाओं में समाई है। लेकिन उस दिन, जब पौलुस ने बोलना शुरू किया, तो वह गंध भी जैसे फीकी पड़ गई। वह बैठा था,…