सड़ते साम्राज्य का अंत: नीनवे
(एक लंबी, विस्तृत कथा) वह शहर जो कभी अजेय माना जाता था, अब अपनी ही बदबू में सड़ रहा था। नीनवे की दीवारें, जो मोटी और ऊंची थीं मानो स्वयं पर्वतों से ईर्ष्या करती हों, अब घेराबंदी के धुएं से…
पतन की छाया में नबी
वह समय था जब उत्तर के पहाड़ी राज्य का नाम सुनकर ही लोगों की आँखों में चमक आ जाती थी। दान का इलाका, जहाँ जैतून के पेड़ इतने घने थे कि धूप को जमीन तक आने में मुश्किल होती। लेकिन…
बाबुल में यरूशलेम की धड़कन
यरूशलेम की उन धूलभरी गलियों की याद, जो अब खंडहर बन चुकी थीं, हनान्याह के मन में एक टीस की तरह समाई रहती। बाबुल के इस नगर में, जहाँ फरात नदी का पानी कभी साफ दिखता था और कभी कीचड़…
टूटे बर्तन की प्रतीक्षा
वह दिन ठंड की एक साँस लेकर आया था। सुबह की धुंध, जो आम तौर पर घाटी में रेंगती है, आज पहाड़ों की चोटियों तक चढ़ गई थी, मानो आकाश स्वयं धरती को छूने के लिए नीचे उतर आया हो।…
भविष्यवक्ता की आशा का संदेश
यह उस समय की बात है जब हिजकिय्याह राजा यरूशलेम में राज करता था, और अश्शूर के सिपाही देश के चारों ओर छावनी डाले हुए थे। हवा में डर का स्वाद था, मानो आने वाले तूफ़ान की गंध। हमारे गाँव…
प्रेम की अनंत निरंतरता
सूरज ढलने लगा था, और हवा में केसर और सूखी मिट्टी की महक तैर रही थी। सुलेखा बरामदे की मुंडेर पर बैठी, दूर अंगूरों के बाग की ओर देख रही थी। उसकी उंगलियां चिकनी लकड़ी के कोरे पर बेसब्री से…
विश्वनाथ की सीख और दया की विरासत
उस गाँव में जहाँ धूप सोने जैसी पिघलती थी और हवा में मिट्टी की खुशबू रहती थी, एक बूढ़ा किसान रहता था, नाम था विश्वनाथ। उसके पास ज़मीन तो बहुत थी, पर उसकी असली दौलत उसकी इज्ज़त थी। लोग कहते,…
बाबुल की नदी पर विरह
बेबीलोन की नदियों के किनारे की धूल कुछ अजीब थी। महीन और पीली, पर चिपचिपी। ऐसी लगती थी जैसे यह धरती ही नहीं, बल्कि हमारे सारे सपनों को पीसकर बनाई गई राख है। हवा चलती तो यह धूल हमारे कपड़ों,…
इतिहास का गीत: दाऊद की लेखनी से
वह सुबह थी जब बूढ़े दाऊद ने अपनी लिखने की तख्ती सम्हाली। महल की छत पर खड़े होकर उन्होंने यरूशलेम को निहारा, पर उनकी आँखें तो कहीं और थीं – समय के पार, उस रेतीले मैदान में, जहाँ से सब…
अनंत धन की खोज
वह दिन बहुत भारी था। हवा में उमस थी, और आसफ़ के मन का बोझ हवा से भी ज़्यादा गहरा। चलते-चलते उसके पाँव उसे शहर के बाहर, एक पुराने बरगद के पेड़ के नीचे ले आए, जहाँ से पूरा नगर…



















