दुख के बाद शांति

अय्यूब की आंखों से आखिरी आंसू की एक बूंद गिरकर धूल में समा गई। उसकी सफेद दाढ़ी हवा में हल्के से हिल रही थी, जैसे कोई पुराना झंडा जो अब लड़ाई नहीं, शांति का प्रतीक हो। उम्र के भार से…

दर्द से जन्मी प्रार्थना

शूशन के राजभवन की शांति उस दिन कुछ ज्यादा ही गहरी लग रही थी। नहेम्याह ने राजमहल के ऊँचे खंभों वाले कक्ष में खड़े होकर बाहर बाग़ों को देखा। फारस की गरमी थी, पर हवा में एक उदासी थी जो…

राजा आसा का आध्यात्मिक पुनरुत्थान

यहूदा के राजा आसा के शासन के पंद्रहवें वर्ष की बात है। वर्षा ऋतु समाप्त हो चुकी थी, पर हवा में अभी भी धूल और नमी का मिला-जुला सा भारीपन था। राजभवन के प्रांगण में खड़े आसा को यह महसूस…

नामान का चमत्कारिक स्वास्थ्य लाभ

वह दिन भी क्या दिन था जब दमिश्क के राजमहल में ख़ामोशी छाई हुई थी। हवा में ईख की मीठी गंध तैर रही थी, पर नामान, अराम की सेना के प्रधान सेनापति, अपने कक्ष की छत पर टहलते हुए उससे…

यर्दन नदी का चमत्कारी पार

शिखरों से उतरती ठंडी हवा ने यरीहो के मैदान की गर्मी को थोड़ा तोड़ा था, पर भीड़ के मन में उत्सुकता का ताप बढ़ता ही जा रहा था। तीन दिन से वे इसी यर्दन नदी के किनारे डेरा डाले हुए…

होरेब की गूँजती वाचा

(भूमिका: यह कथा व्यवस्थाविवरण के पांचवें अध्याय पर आधारित है, जिसमें मूसा एक नई पीढ़ी को होरेब पर्वत पर हुई वाचा की घटना सुना रहे हैं। कथा एक वृद्ध इस्त्राएली की ज़ुबानी है, जो उस दिन को याद करता है।)…

फसह की छूट और दिव्य मार्गदर्शन

(लेखक का नोट: यह कहानी गिनती की पुस्तक के अध्याय 9 की घटनाओं पर एक कल्पनात्मक विस्तार है, जो बाइबिल के पाठ और उसके ऐतिहासिक-धार्मिक संदर्भ के प्रति वफादार रहने का प्रयास करती है।) सिनाई का वह विशाल, धूल भरा…

अनजाने पाप का प्रायश्चित

यहोवा की आज्ञा के अनुसार मिलापवाले तम्बू के सामने का आंगन सुबह-सुबह ही जीवंत हो उठता था। हवा में घास और जलती हुई लकड़ी की गंध मिली-जुली रहती, और भोर की ठंडी हवा में धुएं के कुंडल ऐसे उठते मानो…

फसह की रात: लहू का चिन्ह

रामसेस शहर की गलियों में एक अजीब सी सन्नाटा छाया हुआ था। हवा तीखी और ठंडी थी, जैसे खुद प्रकृति ही कुछ अनहोनी का इंतज़ार कर रही हो। एलियासर, जो गोशन इलाके की एक मिट्टी की झोंपड़ी के दरवाजे पर…

राहेल का वंश और याकूब की संतान

उन दिनों हरान के मैदानों से लौटकर याकूब अपने ससुर लाबान के घर में रह रहा था। धूप तेज थी, और हवा में रेत की महीन परत जमी रहती। राहेल का तम्बू लिआ के तम्बू से कुछ ही दूरी पर…