गलातियों 3 की कहानी को एक विस्तृत और जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हुए, हम इसे एक कथा के रूप में बुनते हैं। यह कहानी प्रेरित पौलुस के पत्र के आधार पर है, जो विश्वास और व्यवस्था के बीच के संबंध को समझाता है। यह कहानी हिंदी में है और इसे धार्मिक सटीकता के साथ प्रस्तुत किया गया है।
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### **विश्वास की शक्ति: गलातियों 3 की कहानी**
एक समय की बात है, जब गलातिया के मसीही विश्वासी अपने विश्वास के मार्ग में भटकने लगे थे। उन्हें कुछ ऐसे लोगों ने भ्रमित कर दिया था, जो यह सिखा रहे थे कि मसीह में उद्धार पाने के लिए केवल विश्वास ही काफी नहीं है, बल्कि मूसा की व्यवस्था का पालन करना भी आवश्यक है। वे यह कहते थे कि खतना और अन्य यहूदी रीति-रिवाजों का पालन करना हर मसीही के लिए जरूरी है। यह सुनकर गलातिया के विश्वासी दुविधा में पड़ गए थे।
तब प्रेरित पौलुस, जो उनके आध्यात्मिक पिता के समान थे, ने उन्हें एक पत्र लिखा। उन्होंने इस पत्र के माध्यम से गलातिया के विश्वासियों को समझाया कि उद्धार केवल विश्वास के द्वारा ही प्राप्त होता है, न कि व्यवस्था के कार्यों से। पौलुस ने उन्हें याद दिलाया कि उन्होंने पवित्र आत्मा को कैसे प्राप्त किया था। क्या यह व्यवस्था के कार्यों से हुआ था? नहीं, बल्कि यह उनके विश्वास के कारण हुआ था, जब उन्होंने सुसमाचार सुना और यीशु मसीह पर विश्वास किया।
पौलुस ने उनसे पूछा, “क्या तुम इतने मूर्ख हो कि अब अपने विश्वास के बजाय मानवीय प्रयासों पर भरोसा करने लगे हो? क्या तुम्हारा आरंभ आत्मा से हुआ था, और अब तुम शरीर के कार्यों से पूर्ण होने की कोशिश कर रहे हो?” उन्होंने गलातियों को याद दिलाया कि उन्होंने कितने बड़े कष्ट सहे थे जब उन्होंने सुसमाचार का प्रचार किया था। क्या यह सब व्यर्थ था? नहीं, बिल्कुल नहीं। पौलुस ने कहा कि जो पवित्र आत्मा तुम्हें देता है और जो चमत्कार तुम्हारे बीच होते हैं, वे सब विश्वास के कारण होते हैं, न कि व्यवस्था के कार्यों से।
फिर पौलुस ने इब्राहीम का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “इब्राहीम ने परमेश्वर पर विश्वास किया, और यह उनके लिए धार्मिकता गिना गया।” इसलिए, जो लोग विश्वास करते हैं, वे इब्राहीम की संतान हैं। पौलुस ने समझाया कि परमेश्वर ने इब्राहीम से वादा किया था कि सारे जगत के लोग उनके द्वारा आशीष पाएंगे। यह वादा विश्वास के द्वारा पूरा हुआ, न कि व्यवस्था के द्वारा। व्यवस्था, जो मूसा के द्वारा दी गई थी, उद्धार का मार्ग नहीं है, बल्कि यह हमें पाप का ज्ञान कराती है।
पौलुस ने गलातियों को समझाया कि व्यवस्था एक अभिभावक की तरह थी, जो हमें मसीह तक ले आई। लेकिन अब जब मसीह आ चुके हैं, तो हमें इस अभिभावक की आवश्यकता नहीं है। अब हम विश्वास के द्वारा परमेश्वर के साथ सही संबंध में हैं। पौलुस ने कहा, “क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में हो, इसलिए तुम इब्राहीम के वंश और वादे के अनुसार वारिस हो।”
पौलुस ने गलातियों को यह भी समझाया कि मसीह में कोई यहूदी नहीं, न ग्रीक, न दास, न स्वतंत्र, न पुरुष, न स्त्री, क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो। और यदि तुम मसीह के हो, तो तुम इब्राहीम के वंश और वादे के अनुसार वारिस हो।
इस प्रकार, पौलुस ने गलातियों को यह स्पष्ट किया कि उद्धार केवल विश्वास के द्वारा ही प्राप्त होता है, न कि व्यवस्था के कार्यों से। उन्होंने उन्हें याद दिलाया कि परमेश्वर का वादा विश्वास के द्वारा पूरा होता है, और यही सच्चा मार्ग है।
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यह कहानी गलातियों 3 के संदेश को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है, जो विश्वास की महत्ता और व्यवस्था की सीमाओं को समझाती है। यह हमें याद दिलाती है कि हमारा उद्धार केवल यीशु मसीह पर विश्वास के द्वारा ही संभव है।