1 राजाओं 4 का विस्तृत वर्णन हिंदी में:
सुलैमान के राज्य की महिमा और उसकी बुद्धिमत्ता की चर्चा पूरे देश में फैल गई थी। उसका राज्य इतना विशाल और समृद्ध था कि लोग दूर-दूर से उसकी बुद्धिमत्ता सुनने और उसके न्याय को देखने आते थे। परमेश्वर ने सुलैमान को केवल राजा ही नहीं बनाया था, बल्कि उसे असाधारण ज्ञान और समझ भी दी थी, जिससे वह अपने लोगों का न्याय कर सके और उन्हें सही मार्ग दिखा सके।
सुलैमान के राज्य में बारह प्रांत थे, और हर प्रांत का एक प्रबंधक था। ये प्रबंधक राजा के लिए भोजन और आवश्यक सामग्री इकट्ठा करते थे, ताकि राजमहल और उसके अतिथियों की आवश्यकताएं पूरी हो सकें। हर महीने एक अलग प्रांत की जिम्मेदारी होती थी, और वह प्रांत राजा और उसके परिवार के लिए आवश्यक सभी चीजें उपलब्ध कराता था। यह व्यवस्था इतनी सुचारू थी कि कभी किसी चीज की कमी नहीं होती थी।
सुलैमान के राज्य में अनाज, तेल, और शराब की भरमार थी। उसके अस्तबल में हज़ारों घोड़े थे, और उसकी सेना इतनी शक्तिशाली थी कि कोई भी दुश्मन उसका सामना करने की हिम्मत नहीं करता था। उसके पास चालीस हज़ार घोड़ों के रथ और बारह हज़ार घुड़सवार थे। उसकी सेना इतनी विशाल थी कि उसके सामने कोई भी दुश्मन टिक नहीं पाता था।
सुलैमान की बुद्धिमत्ता और ज्ञान की ख्याति दूर-दूर तक फैल गई थी। वह प्रकृति, पशु-पक्षियों, पेड़-पौधों, और मनुष्यों के बारे में इतना जानता था कि लोग उसकी बातें सुनकर दंग रह जाते थे। उसने तीन हज़ार नीतिवचन लिखे और एक हज़ार पांच गीत रचे। उसकी बुद्धिमत्ता इतनी महान थी कि लोग दूर-दूर से उसकी सलाह लेने आते थे।
सुलैमान के राज्य में शांति और समृद्धि थी। उसके लोग खुशहाल थे, और उन्हें किसी चीज की कमी नहीं थी। परमेश्वर ने सुलैमान को वह सब कुछ दिया था जो उसने मांगा था, और उसने उसकी प्रार्थनाओं को सुना था। सुलैमान ने परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन किया और उसकी सेवा की, जिसके कारण परमेश्वर ने उसे आशीर्वाद दिया।
सुलैमान के राज्य की महिमा और उसकी बुद्धिमत्ता की चर्चा पूरे संसार में फैल गई। लोग उसकी महानता और उसके ज्ञान की प्रशंसा करते थे। सुलैमान ने परमेश्वर की महिमा को सर्वोच्च स्थान दिया और उसकी आराधना की। उसने यह सुनिश्चित किया कि उसके लोग परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करें और उसके मार्ग पर चलें।
सुलैमान का राज्य परमेश्वर की कृपा और आशीर्वाद से भरपूर था। उसने अपने लोगों को न्याय और धर्म के मार्ग पर चलाया, और उसकी बुद्धिमत्ता ने उसे एक महान राजा बना दिया। सुलैमान ने परमेश्वर की महिमा को सर्वोच्च स्थान दिया, और उसने यह सुनिश्चित किया कि उसके लोग भी परमेश्वर की आराधना करें और उसके मार्ग पर चलें।
इस प्रकार, सुलैमान का राज्य परमेश्वर की कृपा और आशीर्वाद से भरपूर था, और उसकी महिमा पूरे संसार में फैल गई।