पवित्र बाइबल

परमेश्वर का न्याय और रूथ की विजय

भजन संहिता 10 की कहानी हिंदी में:

एक समय की बात है, जब धरती पर अनेक लोग परमेश्वर की उपेक्षा करते हुए अपने मन की मनमानी कर रहे थे। वे दुष्ट और अहंकारी थे, और उन्हें लगता था कि परमेश्वर उनके कर्मों को देख नहीं रहा है। वे गरीबों और असहायों का शोषण करते, उन्हें धोखा देते, और अपनी बुराईयों से समाज में भय फैलाते थे। उनका मानना था कि वे कभी पकड़े नहीं जाएंगे और उनके कुकर्मों का कोई परिणाम नहीं होगा।

एक गाँव में एक गरीब विधवा रहती थी, जिसका नाम रूथ था। वह अपने छोटे से बेटे के साथ संघर्ष कर रही थी। उसके पास खाने के लिए बहुत कम था, और वह हर दिन परमेश्वर से प्रार्थना करती थी कि वह उसकी सहायता करे। लेकिन गाँव के एक धनी व्यक्ति, जिसका नाम अमन था, ने उसकी जमीन छीन ली और उसे धोखे से अपने कब्जे में ले लिया। अमन ने सोचा कि कोई उसे रोक नहीं सकता, क्योंकि वह गाँव का सबसे ताकतवर व्यक्ति था।

रूथ ने परमेश्वर से प्रार्थना की, “हे प्रभु, तू कहाँ है? क्यों तू दूर खड़ा रहता है? क्यों तू संकट के समय छिप जाता है? दुष्ट गरीबों को सताते हैं, और वे अपनी बुरी योजनाओं में फंस जाते हैं। वे अपने अहंकार में कहते हैं कि परमेश्वर उनसे पूछताछ नहीं करेगा। परन्तु हे प्रभु, तू देखता है, तू दुःख और क्लेश को जानता है। गरीब तेरे हाथ में अपना भरोसा रखते हैं, तू हमेशा से अनाथों का सहारा रहा है।”

रूथ की प्रार्थना परमेश्वर के सिंहासन तक पहुँची। परमेश्वर ने उसकी पुकार सुनी और उसके दुःख को देखा। उसने अपने दूतों को भेजा कि वे अमन के कुकर्मों को उजागर करें। एक दिन, जब अमन अपने घर में बैठा था, तो अचानक उसके दिल में डर समा गया। उसे लगा कि कोई उसे देख रहा है। वह बेचैन हो गया और उसकी नींद उड़ गई। उसने सपने में देखा कि परमेश्वर का क्रोध उस पर भड़क रहा है।

अगले दिन, गाँव के लोगों ने अमन के कुकर्मों के बारे में सुना। उसकी बुराईयाँ सबके सामने आ गईं। गाँव के बुजुर्गों ने उसे बुलाया और उससे पूछताछ की। अमन ने अपने पापों को स्वीकार किया और रूथ से माफी माँगी। उसने उसकी जमीन वापस कर दी और उसे मुआवजा दिया।

रूथ ने परमेश्वर का धन्यवाद किया, “हे प्रभु, तू ने मेरी सुनी है। तू ने दुष्टों को उनके कर्मों का फल दिया है। तू हमेशा से अनाथों और विधवाओं का सहारा रहा है। तेरी दया अनंत है, और तेरा न्याय सच्चा है।”

इस तरह, परमेश्वर ने दिखाया कि वह हमेशा देख रहा है और वह न्याय करेगा। दुष्टों को उनके कर्मों का फल मिलेगा, और जो उस पर भरोसा रखते हैं, वे कभी निराश नहीं होंगे। रूथ और उसके बेटे ने फिर से खुशी से जीवन जीना शुरू किया, और वे हमेशा परमेश्वर की स्तुति करते रहे।

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