एक समय की बात है, जब यहोवा का वचन यहेजकेल नबी के पास आया। यहेजकेल इस्राएल के पहाड़ों की ओर मुख करके खड़े हुए और उन्हें यहोवा का संदेश सुनाने लगे। उनकी आवाज़ गंभीर और दृढ़ थी, जैसे कि परमेश्वर का क्रोध उनके शब्दों में प्रकट हो रहा हो।
यहेजकेल ने कहा, “हे इस्राएल के पहाड़ों, यहोवा का वचन सुनो! यहोवा परमेश्वर तुमसे कहता है कि मैं तुम्हारे विरुद्ध तलवार लेकर आ रहा हूँ। मैं तुम्हारे ऊँचे स्थानों को नष्ट कर दूंगा। तुम्हारे वेदियों को ढहा दूंगा, और तुम्हारे सूर्य-स्तंभों को तोड़ दूंगा। तुम्हारे मारे हुए लोग तुम्हारी मूर्तियों के सामने गिरेंगे। मैं इस्राएल के लोगों की हड्डियों को तुम्हारे वेदियों के चारों ओर बिखेर दूंगा। जहाँ कहीं तुम रहते हो, वहाँ तुम्हारे नगर उजाड़ हो जाएंगे, और तुम्हारे ऊँचे स्थान नष्ट हो जाएंगे। ताकि तुम्हारे वेदियों और मूर्तियों का नाश हो, और तुम्हारे सूर्य-स्तंभ टूट जाएं, और तुम्हारे बनाए हुए काम मिटा दिए जाएं।”
यहेजकेल की आवाज़ में एक गहरी दुःखभरी पीड़ा थी, जैसे कि वह इस्राएल के लोगों के पापों के कारण दुखी हो। उन्होंने कहा, “तुम्हारे मारे हुए लोग तुम्हारे बीच में गिरेंगे, और तुम जानोगे कि मैं यहोवा हूँ। फिर भी, जब तुम बिखरे हुए होगे, तब मैं तुममें से कुछ लोगों को बचा लूंगा। वे तलवार से बचेंगे और जाति-जाति में तितर-बितर हो जाएंगे। जब वे बंधुआई में होंगे, तब वे मुझे याद करेंगे और अपने भ्रष्ट कर्मों पर पश्चाताप करेंगे, जिनसे उन्होंने मुझे दुखी किया है। वे जान जाएंगे कि मैं यहोवा हूँ, और यह कि मैंने उन्हें दुःख दिया था, परन्तु व्यर्थ नहीं।”
यहेजकेल ने अपनी आँखें बंद कर लीं और परमेश्वर की महिमा को महसूस किया। उन्होंने कहा, “यहोवा परमेश्वर यह भी कहता है कि तुम अपने हाथों को थपथपाओगे और अपने पैरों को लात मारोगे, और कहोगे, ‘हाय! हाय!’ इस्राएल के घराने की सब घिनौनी बुराइयों के कारण। वे तलवार, अकाल, और महामारी से नष्ट हो जाएंगे। जो दूर रहता है, वह महामारी से मर जाएगा; जो निकट है, वह तलवार से गिरेगा; और जो बचा रहता है, वह अकाल से मर जाएगा। इस प्रकार मैं अपना कोप उन पर उंडेलूंगा।”
यहेजकेल ने अपनी आँखें खोलीं और देखा कि इस्राएल के पहाड़ों पर एक भयानक दृश्य उपस्थित हो गया है। वेदियाँ टूटी हुई थीं, मूर्तियाँ चूर-चूर हो गई थीं, और सूर्य-स्तंभ धराशायी हो गए थे। जहाँ कहीं लोग रहते थे, वहाँ केवल उजाड़ और विनाश था। यहेजकेल ने महसूस किया कि यह सब इस्राएल के लोगों के पापों का परिणाम था। उन्होंने परमेश्वर को त्याग दिया था और मूर्तियों की पूजा करने लगे थे। उन्होंने अपने हृदयों को कठोर कर लिया था और परमेश्वर की आज्ञाओं को नहीं माना था।
यहेजकेल ने फिर से परमेश्वर की ओर मुख किया और कहा, “हे यहोवा, तेरा न्याय सही है। तू धर्मी है, और तेरे सभी काम सत्य हैं। इस्राएल के लोगों ने तेरी आज्ञाओं को तोड़ा है और तुझे त्याग दिया है। परन्तु हे प्रभु, तू दयालु भी है। तूने कहा है कि तू उनमें से कुछ को बचाएगा, ताकि वे तेरी महिमा को जान सकें और तेरी ओर लौट आएं।”
यहेजकेल ने अपने हृदय में परमेश्वर की दया को महसूस किया। उन्होंने जाना कि परमेश्वर का कोप उसकी प्रेममयी चिंता का हिस्सा है। वह चाहता है कि उसके लोग पश्चाताप करें और उसकी ओर लौट आएं। यहेजकेल ने प्रार्थना की कि इस्राएल के लोग परमेश्वर के संदेश को सुनें और उसकी ओर फिरें।
इस प्रकार, यहेजकेल ने इस्राएल के पहाड़ों को परमेश्वर का संदेश सुनाया। उनके शब्दों में न्याय और दया दोनों थे, और उन्होंने इस्राएल के लोगों को चेतावनी दी कि वे अपने पापों से मुंह मोड़ें और परमेश्वर की ओर लौट आएं। यहेजकेल ने जाना कि परमेश्वर का न्याय उसकी प्रेममयी योजना का हिस्सा है, और वह चाहता है कि उसके लोग उसकी महिमा को जानें और उसकी ओर लौट आएं।