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आदम से इज़राइल तक: परमेश्वर की वंशावली की कहानी

1 इतिहास अध्याय 1 की कहानी हिंदी में:

1 इतिहास की पुस्तक का पहला अध्याय आदम से लेकर इज़राइल के बारह गोत्रों तक की वंशावली को विस्तार से बताता है। यह अध्याय परमेश्वर के चुने हुए लोगों के इतिहास की नींव रखता है और उन पीढ़ियों को दर्शाता है जिनके माध्यम से परमेश्वर ने अपनी योजना को पूरा किया। यह कहानी सृष्टि के आरंभ से शुरू होती है और इज़राइल के इतिहास की ओर बढ़ती है।

आदम से शुरुआत:
परमेश्वर ने आदम को अपने स्वरूप में बनाया और उसे धरती पर रखा। आदम के तीन पुत्र हुए – सेत, हनोक, और कैनान। सेत के वंशजों में से एक महान व्यक्ति हनोक था, जो परमेश्वर के साथ चलता था और उसे परमेश्वर ने उठा लिया। हनोक के पुत्र मतूशेलह हुए, और मतूशेलह के पुत्र लेमेक। लेमेक के पुत्र नूह थे, जो उस पीढ़ी में धर्मी और सिद्ध थे।

नूह और उनके पुत्र:
नूह के तीन पुत्र थे – शेम, हाम, और येपेत। जब परमेश्वर ने पृथ्वी को जलप्रलय से नष्ट करने का निर्णय लिया, तो उसने नूह को एक जहाज बनाने का आदेश दिया। नूह ने परमेश्वर की आज्ञा का पालन किया और अपने परिवार के साथ जहाज में प्रवेश किया। जलप्रलय के बाद, नूह और उनके पुत्रों ने पृथ्वी को फिर से बसाया। शेम, हाम, और येपेत के वंशजों ने विभिन्न राष्ट्रों की नींव रखी।

शेम के वंशज:
शेम के वंशजों में अर्पक्षद, शेलह, और एबेर हुए। एबेर के दो पुत्र थे – पेलेग और योक्तान। पेलेग के समय में पृथ्वी विभाजित हुई, और उनके वंशजों ने अनेक जातियों और भाषाओं को जन्म दिया। योक्तान के पुत्रों ने अरब क्षेत्र में अपना निवास स्थापित किया।

अब्राहम का परिवार:
एबेर के वंश में तेरह हुए, और तेरह के पुत्र अब्राम (जिसे बाद में अब्राहम कहा गया) हुए। अब्राहम के दो पुत्र थे – इसहाक और इश्माएल। इसहाक के पुत्र एसाव और याकूब हुए। याकूब के बारह पुत्र हुए, जो इज़राइल के बारह गोत्रों के पिता बने। ये गोत्र परमेश्वर के चुने हुए लोगों के रूप में जाने गए।

एसाव के वंशज:
एसाव के वंशजों ने एदोम देश को बसाया। एसाव के पुत्र एलीफाज़, रूएल, और यूश थे। एलीफाज़ के पुत्रों में तेमान, ओमार, सेफो, गाताम, और केनज़ थे। इन सभी ने एदोम के विभिन्न क्षेत्रों में अपना राज्य स्थापित किया।

इज़राइल के गोत्र:
याकूब के बारह पुत्रों के नाम रूबेन, शिमोन, लेवी, यहूदा, दान, नप्ताली, गाद, आशेर, इस्साकार, जबूलून, यूसुफ, और बिन्यामीन थे। यूसुफ के दो पुत्र मनश्शे और एप्रैम हुए, जिन्हें याकूब ने अपने पुत्रों के रूप में गोद लिया। इस प्रकार, इज़राइल के बारह गोत्रों की स्थापना हुई।

इस वंशावली के माध्यम से, परमेश्वर ने अपने वादे को पूरा किया और इज़राइल के लोगों को अपनी विरासत दी। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि परमेश्वर हर पीढ़ी में अपने लोगों के साथ रहता है और उन्हें आशीष देता है।

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