पवित्र बाइबल

रूत का जीवन: परमेश्वर पर भरोसा और सेवा का प्रतीक

एक समय की बात है, जब एक गाँव में एक बुद्धिमान और धर्मपरायण महिला रहती थी। उसका नाम रूत था। वह अपने परिवार और समुदाय के लिए एक आदर्श थी। उसके जीवन की कहानी नीतिवचन 31 के सिद्धांतों को जीवंत करती है। रूत का जीवन परमेश्वर के प्रति समर्पित था, और वह अपने हर कार्य में उसकी महिमा को प्रतिबिंबित करती थी।

रूत सुबह जल्दी उठती थी, और अपने घर के लिए भोजन तैयार करती थी। वह अपने हाथों से कपड़े बुनती थी और अपने परिवार के लिए गर्मजोशी और प्यार से भरा वातावरण बनाती थी। उसके पति, एलियाब, गाँव के एक सम्मानित व्यक्ति थे, और वह रूत की मेहनत और समर्पण को बहुत महत्व देते थे। रूत ने अपने बच्चों को भी परमेश्वर के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी थी। वह उन्हें प्रतिदिन बाइबल की कहानियाँ सुनाती थी और उन्हें प्रार्थना करने के लिए प्रोत्साहित करती थी।

रूत न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि अपने समुदाय के लिए भी एक आशीर्वाद थी। वह गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करती थी। वह अपने खेत से अनाज इकट्ठा करती थी और उसे विधवाओं और अनाथों के बीच बाँटती थी। उसका दिल दयालु था, और वह हमेशा दूसरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्पर रहती थी। उसके कार्यों से परमेश्वर की महिमा प्रकट होती थी, और लोग उसकी प्रशंसा करते थे।

एक दिन, गाँव में एक भयंकर अकाल पड़ा। खेत सूख गए, और लोगों के पास खाने के लिए कुछ नहीं था। रूत ने अपने परिवार और पड़ोसियों के लिए भोजन का प्रबंध करने का निर्णय लिया। वह अपने खेत में गई और जो कुछ भी बचा था, उसे इकट्ठा किया। उसने अपने हाथों से रोटियाँ बनाईं और उन्हें गरीबों में बाँट दिया। उसकी मेहनत और परमेश्वर पर भरोसा देखकर लोग आश्चर्यचकित हो गए।

रूत की बुद्धिमत्ता और दयालुता ने उसे गाँव में एक सम्मानित स्थान दिलाया। वह न केवल एक अच्छी पत्नी और माँ थी बल्कि एक उद्यमी महिला भी थी। उसने अपने हाथों से बुने हुए कपड़े बेचकर अपने परिवार के लिए आय अर्जित की। उसकी मेहनत और लगन ने उसे समृद्धि दिलाई, और उसने अपने धन का उपयोग दूसरों की मदद करने में किया।

रूत का जीवन नीतिवचन 31 की उस स्त्री की तरह था जो परमेश्वर से डरती है और उसकी आज्ञाओं का पालन करती है। उसके कार्यों ने उसे सम्मान और प्रशंसा दिलाई, और उसके परिवार ने उस पर गर्व किया। रूत ने सिखाया कि एक स्त्री की सच्ची सुंदरता उसके हृदय और चरित्र में होती है। उसने दिखाया कि परमेश्वर पर भरोसा और दूसरों की सेवा करना ही सच्ची समृद्धि है।

रूत की कहानी हमें यह सिखाती है कि परमेश्वर के मार्ग पर चलने वाला जीवन ही सच्चा आनंद और शांति लाता है। उसके जीवन से हमें प्रेरणा मिलती है कि हम भी अपने जीवन में परमेश्वर की महिमा को प्रतिबिंबित करें और दूसरों की सेवा करें। रूत का जीवन नीतिवचन 31 के सिद्धांतों का एक जीवंत उदाहरण था, और उसकी विरासत आज भी हमें प्रेरित करती है।

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