**व्यवस्थाविवरण 16: एक विस्तृत कथा**
यह कहानी उस समय की है जब इस्राएल के लोग मिस्र की दासता से मुक्त होकर वादा किए गए देश कनान की ओर बढ़ रहे थे। मूसा, परमेश्वर के चुने हुए सेवक, ने लोगों को परमेश्वर की व्यवस्था और आज्ञाओं को समझाने के लिए एकत्र किया। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि परमेश्वर ने उनके लिए कितने बड़े-बड़े काम किए हैं और उन्हें कैसे उनकी आज्ञाओं का पालन करना चाहिए।
मूसा ने लोगों से कहा, “हे इस्राएल के लोगों, सुनो! परमेश्वर ने तुम्हें आज्ञा दी है कि तुम उसके पर्वों को मनाओ और उसकी महिमा का स्मरण करो। ये पर्व तुम्हारे लिए केवल उत्सव नहीं हैं, बल्कि ये तुम्हारे और परमेश्वर के बीच एक विशेष संबंध को दर्शाते हैं।”
**फसह का पर्व:**
मूसा ने लोगों को फसह के पर्व के बारे में बताया। “फसह का पर्व उस रात की याद दिलाता है जब परमेश्वर ने मिस्र में हर पहलौठे को मार डाला, लेकिन इस्राएल के घरों को छोड़ दिया, क्योंकि उन्होंने मेम्ने का लहू अपने दरवाज़ों के चौखट पर लगा दिया था। यह पर्व तुम्हें याद दिलाता है कि परमेश्वर ने तुम्हें दासता से मुक्त किया और तुम्हें स्वतंत्रता दी।”
मूसा ने आगे कहा, “फसह का पर्व अबीब के महीने में मनाया जाएगा, जो कि तुम्हारे लिए एक पवित्र महीना है। तुम्हें एक स्थान चुनना चाहिए जहाँ परमेश्वर अपना नाम स्थापित करेगा, और वहाँ तुम्हें फसह का मेम्ना बलि करना चाहिए। तुम्हें खमीर रहित रोटी खानी चाहिए, क्योंकि खमीर पाप का प्रतीक है, और तुम्हें पवित्र रहना चाहिए।”
**अखमीरी रोटी का पर्व:**
मूसा ने अखमीरी रोटी के पर्व के बारे में भी बताया। “फसह के बाद, तुम्हें सात दिनों तक अखमीरी रोटी खानी चाहिए। यह पर्व तुम्हें याद दिलाता है कि तुम्हें पाप से दूर रहना चाहिए और परमेश्वर की पवित्रता में चलना चाहिए। तुम्हें इन सात दिनों में कोई खमीर नहीं खाना चाहिए, और न ही तुम्हारे घरों में खमीर रखना चाहिए।”
**सप्ताहों का पर्व:**
मूसा ने सप्ताहों के पर्व के बारे में भी बताया, जिसे पेंटेकोस्ट भी कहा जाता है। “जब तुम अपने खेतों में फसल काटो, तो तुम्हें सप्ताहों का पर्व मनाना चाहिए। यह पर्व तुम्हें याद दिलाता है कि परमेश्वर ने तुम्हें भूमि और उसकी उपज दी है। तुम्हें परमेश्वर के लिए एक स्वैच्छिक भेंट चढ़ानी चाहिए, और उसके सामने आनन्दित होना चाहिए।”
**छत्रों का पर्व:**
अंत में, मूसा ने छत्रों के पर्व के बारे में बताया। “जब तुम अपने खेतों और बागों से फसल इकट्ठा कर लो, तो तुम्हें छत्रों का पर्व मनाना चाहिए। यह पर्व तुम्हें याद दिलाता है कि परमेश्वर ने तुम्हें आशीष दी है और तुम्हारी मेहनत को फलदायक बनाया है। तुम्हें सात दिनों तक आनन्दित होना चाहिए और परमेश्वर की स्तुति करनी चाहिए।”
मूसा ने लोगों को यह भी याद दिलाया कि इन पर्वों को मनाते समय, उन्हें अपने दासों, विधवाओं, अनाथों, और परदेशियों को भी शामिल करना चाहिए। “परमेश्वर ने तुम्हें आज्ञा दी है कि तुम दयालु और उदार बनो, क्योंकि तुम भी मिस्र में परदेशी और दास थे।”
**परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन:**
मूसा ने लोगों को चेतावनी दी, “हे इस्राएल के लोगों, परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करो और उसके मार्ग पर चलो। यदि तुम उसकी आज्ञाओं को मानोगे, तो वह तुम्हें आशीष देगा और तुम्हारी संतानों को भी आशीष देगा। लेकिन यदि तुम उसकी आज्ञाओं को तोड़ोगे, तो तुम्हें दण्ड मिलेगा।”
मूसा ने लोगों को यह भी याद दिलाया कि परमेश्वर ने उन्हें एक विशेष लोग बनाया है। “तुम परमेश्वर के चुने हुए लोग हो, और तुम्हें उसकी महिमा को सारी दुनिया में प्रकट करना चाहिए। तुम्हें न्याय और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए, और परमेश्वर की आज्ञाओं को मानना चाहिए।”
**निष्कर्ष:**
मूसा ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, “हे इस्राएल के लोगों, परमेश्वर ने तुम्हें आज्ञा दी है कि तुम उसके पर्वों को मनाओ और उसकी आज्ञाओं का पालन करो। यदि तुम ऐसा करोगे, तो तुम्हारे जीवन में आशीष और शांति होगी। परमेश्वर तुम्हारे साथ रहेगा और तुम्हें सफलता देगा।”
इस प्रकार, मूसा ने इस्राएल के लोगों को परमेश्वर की व्यवस्था और आज्ञाओं को समझाया, और उन्हें याद दिलाया कि परमेश्वर उनके साथ है और उन्हें आशीष देगा यदि वे उसके मार्ग पर चलेंगे। इस्राएल के लोगों ने मूसा की बातों को गंभीरता से सुना और परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करने का संकल्प लिया।