एकता की दिव्य यात्रा
ये कहानी है एक गाँव की, जो नदी के किनारे बसा था। सुबह की धूप जब पहली किरणें लेकर आती, तो पुराने पीपल के पेड़ की छाँव में बैठकर लोग चर्चा करते। उनमें से एक थे पंडित जी, जिनकी उम्र…
पतरस का दर्शन और अन्यजातियों का बपतिस्मा
यरूशलेम की गलियों में धूप की किरणें पत्थरों पर नाच रही थीं। पतरस शहर के उस हिस्से में लौट आया था जहाँ हवा में हमेशा नमक और जलाई हुई लकड़ी की महक तैरती रहती थी। वह सीधे चलकर एक ऊँचे…
पाँच रोटियों का चमत्कार
उस दिन की शुरुआत धुंधली सुबह से हुई। झील का पानी स्लेटी रंग लिए हुए था, और हवा में नमक की एक बारीक महक तैर रही थी। यीशु ने अपने चेलों से कहा, “चलो, हम दूसरी ओर चलते हैं।” नाव…
येशु की परीक्षा
यहूदिया के सुनसान इलाके की धूप तेज थी, ऐसी कि पथरीली जमीन से लपलपाती लहरें उठ रही थीं। येशु अकेले चल रहे थे, उनके होठ सूखे हुए थे और पैरों में धूल के कण चिपक गए थे। चालीस दिन और…
नाहूम का दैवीय सन्देश
वह दिन ऐसा था जैसे सारी सृष्टि साँस रोके खड़ी हो। हवा में धूल के कण तैर रहे थे, और सूरज की तपिश ने माथे पर पसीना ला दिया था। नाहूम अपनी झोंपड़ी के बाहर बैठा था, और उसकी आँखों…
प्रभु का सुधार और इस्राएल का पतन
यह कहानी उस समय की है जब उत्तरी राज्य इस्राएल में राजा जकर्याह की हत्या के बाद शल्लुम महज एक महीने तक राजा रह पाया था। फिर मनाहेम ने सत्ता हथिया ली। समरिया की पहाड़ियों पर जैतून के पेड़ झूम…
यहेजकेल की अराव पर्वत भविष्यवाणी
एक समय की बात है, जब परमेश्वर का वचन यहेजकेल नबी पर आया। वह दिन ठीक वैसा ही था जैसे अराव पर्वत के दिन हुआ करते थे – हवा में रेत की महीन परत, सूरज की किरणें पहाड़ों की चट्टानों…
चेतन की दिव्य यात्रा
एक सुनसान पहाड़ी के किनारे बैठा चेतन आँखें बंद किए हुए था। हवा में उड़ती धूल की महक, दूर बहती नदी की कलकल, और पत्तियों की सरसराहट—सब कुछ सामान्य लग रहा था, मगर उसके भीतर कुछ टूट रहा था। अचानक…
यिर्मयाह और हनन्याह का संघर्ष
येरूशलेम के मंदिर के प्रांगण में सन्नाटा छाया हुआ था। सुबह की धूप दीवारों पर पड़ रही थी, और हवा में धूप-धूप सी गंध थी। यिर्मयाह के कंधों पर लकड़ी का जुआ था, जो बैलों के जुए जैसा दिखता था।…
विश्वास या भागो
येरुशलेम की उन गलियों में जहाँ एक समय भजनों की मधुर स्वरलहरियाँ गूँजा करती थीं, अब केवल चिंता के स्वर सुनाई देते थे। हिजकिय्याह के शासनकाल के उन दिनों में यहूदा के लोग एक अजीब सी उलझन में फँसे हुए…









