यिर्मयाह 49 के आधार पर एक विस्तृत कहानी:
प्रभु का वचन नबी यिर्मयाह के पास आया, जब अम्मोन के लोगों ने यहूदा के विरुद्ध अहंकार से भरी बातें कीं। प्रभु ने कहा, “क्या इस्राएल का कोई पुत्र नहीं? क्या उसका कोई वारिस नहीं? फिर मिल्कोम अम्मोनियों के देवता के लिए गाद के देश को क्यों लेता है? उसके लोग उसके नगरों में क्यों बसते हैं?”
प्रभु यहोवा ने घोषणा की: “देख, रब्बा अम्मोनियों की राजधानी के विरुद्ध युद्ध के नारे लगेंगे। वह एक ढेर बन जाएगी और उसके गाँव आग में जलेंगे। तब इस्राएल उन लोगों से जिन्होंने उसे दबाया, फिर अधिकार कर लेगा।”
अम्मोन की घाटी में हाहाकार मच गया। हेशबोन के मैदानों में युद्ध की तैयारियाँ होने लगीं। मिल्कोम के मंदिर में पुजारी घबराए हुए थे, क्योंकि उनका देवता उन्हें बचाने में असमर्थ था। राजा के महल में भय व्याप्त था।
प्रभु ने कहा: “अम्मोन के पुत्रों के विरुद्ध तलवार खिंची जाएगी। वे भागेंगे, हर एक अपनी ओर। मैं उनके पीछे संकट भेजूँगा। रब्बा की शक्ति ढह जाएगी, उसके टीले धूल में मिल जाएंगे।”
और ऐसा ही हुआ। उत्तर से सेनाएँ आईं, उनके घोड़ों की टापों से धरती काँप उठी। रब्बा के दुर्ग की दीवारें काँपने लगीं। अम्मोन के योद्धाओं के हथियार निष्फल हो गए। आकाश में काले बादल छा गए, मानो स्वयं प्रभु का क्रोध उन पर छा रहा हो।
तब प्रभु ने एदोम के विषय में भी वचन दिया: “देख, मैं एसाव को डरा देने के लिए छोटा कर दूँगा। तेमान में भय छा जाएगा। बोस्रा के लोग हैरान होंगे। एदोम अजगब के घोंसले के समान उजाड़ हो जाएगा।”
दमिश्क के विषय में प्रभु बोले: “हमात और अर्पद लज्जित हैं, क्योंकि उन्होंने बुरी सुनाई है। वे चिंतित हैं, समुद्र की लहरों के समान जो शांत नहीं हो सकतीं। दमिश्क कमजोर पड़ गया है, भागने को तैयार है।”
केदार और हात्सोर के राज्यों के विषय में प्रभु की घोषणा हुई: “उठो, केदार के विरुद्ध चढ़ाई करो। पूर्व के लोगों को लूट लो। उनके तंबू और उनके झुंड ले लो। उनके कपड़े और बरतन उठा लो।”
हात्सोर के लोग भयभीत हो गए। उनके चरवाहे बेचैन हो उठे, क्योंकि प्रभु ने उनके चरागाहों को नष्ट करने की योजना बनाई थी। बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर की सेना ने उनपर आक्रमण किया, और प्रभु की इच्छा पूरी हुई।
अंत में एलाम के विषय में प्रभु ने कहा: “मैं एलामियों की मुख्य शक्ति तोड़ दूँगा। उन पर चार हवाएँ भेजूँगा। मैं उन्हें हर दिशा में तितर-बितर कर दूँगा। उनके विरोधियों के सामने मैं उनके लिए तलवार भेजूँगा।”
और प्रभु की सभी भविष्यवाणियाँ पूरी हुईं। जैसे यिर्मयाह ने कहा था, वैसा ही हुआ। राष्ट्रों को उनके अहंकार का दंड मिला, और प्रभु की न्यायकारिता प्रकट हुई। परन्तु अंत के दिनों में प्रभु ने वादा किया कि वह एलाम के बंदियों को फिर से लौटाएगा, जैसा कि उसकी दया और करुणा का स्वभाव है।




