कोरह का विद्रोह और हारून की लाठी
वह सुबह सामान्य ही शुरू हुई थी। सूरज की किरणें सिनाई की पहाड़ियों पर पड़ रही थीं और मरुभूमि की रेत धीरे-धीरे गर्म होने लगी थी। लेकिन हवा में एक अजीब सी बेचैनी थी, जैसे कोई तूफान आने वाला हो।…
शुद्ध और अशुद्ध का मार्ग
वह सुबह धीरे-धीरे आई, जैसे कोई बूढ़ा याजक मंदिर के पर्दे हटा रहा हो। रेगिस्तान की रेत पर सूरज की पहली किरणें ऐसे पड़ रही थीं मानो स्वर्णिम अक्षर लिखे जा रहे हों। मूसा ने अपनी लाठी ज़मीन पर टिकाई…
सीनै परमेश्वर की वाचा
तीसरे महीने के ठीक उस दिन, जब इस्राएल की संतानें मिस्र से निकलकर सीनै के रेगिस्तान में पहुँची थीं, वह सुबह एक अजीब सी गर्म हवा के झोंके के साथ शुरू हुई। मूसा अपनी झोपड़ी से बाहर निकले तो देखा…
आदम से नूह तक पीढ़ियों की गाथा
एक समय था जब धरती अब भी नई थी, और आदम की आत्मा की गूँज अब भी हवा में तैरती थी। उसकी आँखों में देखे गए स्वर्ग की स्मृति, उसकी हथेली पर महसूस किए गए ईश्वर के स्पर्श की अनुभूति,…
दो साक्षियों की शक्ति
यह प्रकाशितवाक्य की ग्यारहवीं अध्याय की कहानी है, जो हमें दो साक्षियों के विषय में बताती है। परमेश्वर ने मुझे यूहन्ना को दर्शन दिया, और उसने एक सुनहरी नापने की छड़ी देखी। एक स्वर्गदूत खड़ा हुआ और कहा, “उठ, और…
एलियाब का अतिथि सत्कार
यहूदिया के एक छोटे से गाँव में, एलियाब नाम का एक बूढ़ा मसीही विश्वासी रहता था। वह प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर अपनी मिट्टी की झोंपड़ी के सामने बैठकर परमेश्वर से प्रार्थना करता। एक दिन, जब सूरज की किरणें पहाड़ियों को…
थिस्सलुनीके विश्वास की कसौटी
पौलुस और सीलास थिस्सलुनीके की मण्डली के लिए बहुत चिन्तित थे। उन्हें डर था कि कहीं उन पर आए हुए क्लेशों ने उनके विश्वास को डगमगा न दिया हो। अथेन्स में अकेले बैठे-बैठे पौलुस का मन बेचैन हो उठा। एक…
मिट्टी के बर्तनों में खजाना
एक समय की बात है, जब प्रेरित पौलुस कुरिन्थुस की मण्डली को एक पत्र लिख रहे थे। उनके हाथ में कलम थी, परन्तु उनके हृदय में परमेश्वर का आत्मा बोल रहा था। वह एक ऐसा सन्देश लिखना चाहते थे जो…
इब्राहीम का महान विश्वास
यह कहानी उस महान विश्वास की है जो इब्राहीम ने परमेश्वर में दिखाया था। उन दिनों में जब संसार अंधकार में डूबा हुआ था, इब्राहीम एक साधारण मनुष्य थे, जो अपने पितरों के देवताओं की पूजा करते थे। परन्तु एक…
दानिय्येल का भविष्य दर्शन
यह कहानी दानिय्येल अध्याय 8 के आधार पर विस्तृत रूप से प्रस्तुत की गई है: शुसान नगर के राजभवन में दानिय्येल विचारमग्न बैठे थे। उसने देखा कि वह ऊलाई नदी के किनारे खड़ा है। आकाश में स्वर्णिम प्रकाश फैलते हुए…









