दाऊद की विश्वासगाथा: परमेश्वर की ओर मुख होने का निर्णय
एक बार की बात है, जब दाऊद राजा अपने महल में बैठे हुए थे। उनका मन बहुत व्याकुल था। चारों ओर शत्रुओं ने उन्हें घेर रखा था, और वे महसूस कर रहे थे कि उनकी स्थिति बहुत नाजुक है। उनके…
अय्यूब: ईश्वर की महिमा और उद्देश्यों का ज्ञान
एक समय की बात है, जब अय्यूब अपने दुःख और परीक्षाओं से गुज़र रहा था। उसने ईश्वर से प्रश्न किया कि उसके साथ ऐसा क्यों हुआ। वह अपने दुःख में डूबा हुआ था और ईश्वर से उत्तर की प्रतीक्षा कर…
राजा रहूबियाम: ईश्वरीय इच्छा और राजसी निर्णय – एक समुद्रपार परीक्षण
2 इतिहास 11 की कहानी को विस्तार से समझने के लिए हमें उस समय की परिस्थितियों और घटनाओं को गहराई से देखना होगा। यह अध्याय राजा रहूबियाम (रहबाम) के जीवन और उसके शासनकाल की एक महत्वपूर्ण घटना को दर्शाता है।…
मिस्र: मेंढ़कों के प्रलय और फिरौन की कठोरता
मिस्र की धरती पर एक बार फिर से परमेश्वर का प्रकोप छाने वाला था। फिरौन ने इस्राएलियों को जाने देने से इनकार कर दिया था, और अब परमेश्वर ने मूसा और हारून को फिरौन के पास भेजा, ताकि वे उसे…
यहोवा का परीक्षण: अमीयाब की भक्ति और भटकाव
एक समय की बात है, जब इस्राएल के लोग यहोवा के नियमों और आज्ञाओं के अनुसार जीवन यापन कर रहे थे। वे मूसा के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते थे और यहोवा की उपासना में लगे हुए थे।…
बादाम खिलने वाली लाठी: हारून का चुनाव और इस्राएलियों का सबक
एक समय की बात है, जब इस्राएल के लोग मूसा और हारून के खिलाफ बड़बड़ाने लगे। वे यह कहते हुए शिकायत कर रहे थे कि मूसा और हारून ने अपने आप को उन पर शासन करने का अधिकार क्यों दिया…