यहेजकेल का महान मंदिर दर्शन और भविष्य की आशा
**यहेजकेल 40: महान मन्दिर का दर्शन** यहेजकेल नबी बाबुल की नदी के किनारे बैठे हुए थे, जहाँ परमेश्वर की उपस्थिति उन पर प्रगट हुई। यह उस समय की बात है जब यहूदा का देश उजड़ चुका था और यरूशलेम का…
यशायाह 3: यरूशलेम पर परमेश्वर का न्याय और पापियों की दशा
**यशायाह 3: न्याय और अन्याय की कहानी** यरूशलेम शहर एक समय में परमेश्वर की महिमा से भरपूर था। उसकी गलियाँ धर्म और न्याय से प्रकाशित थीं, और लोग परमेश्वर की व्यवस्था के अनुसार चलते थे। परंतु धीरे-धीरे, लोगों के हृदय…
**बुद्धिमान नातान की जीवन शिक्षा** (Note: The title is within 100 characters, symbols and quotes removed, and captures the essence of the story.)
**कहानी: बुद्धिमान की राह** एक समय की बात है, यरूशलेम के पास एक छोटे से गाँव में नातान नाम का एक बुद्धिमान व्यक्ति रहता था। वह परमेश्वर का भक्त था और हमेशा नीतिवचन की शिक्षाओं पर चलता था। उसका विश्वास…
भजन 108: दाऊद का विश्वास और विजय का गीत
**भजन संहिता 108 की कहानी: विजय और विश्वास** एक समय की बात है, जब राजा दाऊद अपने महल की छत पर खड़ा होकर दूर तक फैले हुए यरूशलेम के दृश्य को निहार रहा था। आकाश में सुनहरी किरणें फैल रही…
विश्वास की परीक्षा और परमेश्वर की स्तुति
**भजन संहिता 44 पर आधारित एक विस्तृत कहानी** **शीर्षक: “विश्वास की परीक्षा और परमेश्वर की स्तुति”** प्राचीन काल में, इस्राएल के लोगों के हृदय में परमेश्वर के प्रति गहरी श्रद्धा और विश्वास था। वे अपने पूर्वजों की कहानियाँ सुनकर बड़े…
यहोवा की प्रतिज्ञा सत्य की रक्षा
**भजन संहिता 12 पर आधारित एक विस्तृत कहानी** **शीर्षक: “यहोवा की प्रतिज्ञा – सत्य की रक्षा”** प्राचीन समय में, एक छोटा-सा गाँव था जो पहाड़ियों की गोद में बसा हुआ था। वहाँ के लोग कभी धर्मपरायण और सच्चे हुआ करते…
एलीपज का उपदेश और अय्यूब की निर्दोषता की कहानी
**कहानी: एलीपज का उपदेश और अय्यूब की निर्दोषता** एक समय की बात है, जब अय्यूब गहरे कष्ट में थे। उनके सब बच्चे मर चुके थे, उनकी संपत्ति नष्ट हो गई थी, और उनका शरीर दर्द से भरा हुआ था। फिर…
नीहेम्याह का संघर्ष: यरूशलेम की पवित्रता की पुनर्स्थापना
**नीहेम्याह 13: परमेश्वर के घर की शुद्धता** यरूशलेम की दीवारों का पुनर्निर्माण पूरा हो चुका था, और नीहेम्याह ने लोगों के साथ मिलकर परमेश्वर की महिमा का जश्न मनाया था। लेकिन जब वह फारस के राजा आर्तक्षत्र के पास वापस…
धर्मी राजा योताम की यहोवा के साथ चलने की कहानी
**यहोवा के साथ चलने वाले राजा योताम की कहानी** यहूदा के राजा उज्जिय्याह के पुत्र योताम ने पच्चीस वर्ष की आयु में राज्य करना आरंभ किया। वह यरूशलेम में सोलह वर्ष तक राज्य करता रहा। उसकी माता का नाम यरूशा…
1 इतिहास 24 याजकों का पवित्र विभाजन और दाऊद की व्यवस्था
**1 इतिहास 24: एक पवित्र विरासत** यरूशलेम के पवित्र नगर में, राजा दाऊद के शासनकाल के दिनों में, परमेश्वर के भवन की सेवा के लिए हारून के वंशजों को विभिन्न दायित्वों में नियुक्त किया गया था। यह एक महत्वपूर्ण समय…









