परमेश्वर का वादा: नई आशा और माफी
यशायाह 65 की कहानी एक ऐसे समय की है जब परमेश्वर अपने लोगों से बात कर रहे थे, उन्हें उनके पापों के लिए ताड़ना दे रहे थे और साथ ही उन्हें एक नई आशा और वादा भी दे रहे थे।…
यशायाह 33: संकट में परमेश्वर की शरण और आशा
यशायाह 33 की कहानी एक ऐसे समय की है जब यहूदा का राज्य संकट और अशांति से घिरा हुआ था। यहूदा के लोगों ने परमेश्वर की उपेक्षा की थी और उनके पापों ने उन्हें दुश्मनों के हाथों में डाल दिया…
यशायाह का संदेश: पाप से पश्चाताप और परमेश्वर की ओर लौटो
यशायाह की पुस्तक का पहला अध्याय एक ऐसा अध्याय है जो यहूदा और यरूशलेम के लोगों के पापों और उनकी अवज्ञा को उजागर करता है। यह एक ऐसा समय था जब लोगों ने परमेश्वर के साथ अपना रिश्ता खो दिया…
एलियाह की बुद्धिमत्ता और नीतिवचन का ज्ञान
एक समय की बात है, जब एक छोटे से गाँव में एक बुद्धिमान बूढ़ा व्यक्ति रहता था। उसका नाम एलियाह था। एलियाह को उसकी बुद्धिमत्ता और न्यायप्रियता के लिए पूरे गाँव में सम्मान दिया जाता था। वह अक्सर लोगों को…
दाऊद का परमेश्वर के प्रेम में डूबा हृदय
एक बार की बात है, जब राजा दाऊद परमेश्वर के प्रेम और उसकी महिमा के बारे में गहराई से सोच रहा था। वह अपने महल की छत पर खड़ा था, आकाश की ओर देखते हुए। उसके मन में परमेश्वर की…
भजन 106: इस्राएल की अवज्ञा, कृपा और पश्चाताप की कहानी
भजन संहिता 106 एक ऐसा भजन है जो इस्राएल के इतिहास को याद करता है और उनकी अवज्ञा, परमेश्वर की कृपा, और उनके पश्चाताप की कहानी को बयान करता है। यह भजन परमेश्वर की स्तुति से शुरू होता है और…
एलियाह का विश्वास: परमेश्वर की दया और प्रेम में शांति
एक बार की बात है, जब एक व्यक्ति जिसका नाम एलियाह था, वह परमेश्वर के साथ गहरे संबंध में रहता था। वह एक ऐसे समय से गुजर रहा था जब उसका मन बहुत उदास और व्याकुल था। उसका हृदय परमेश्वर…
परमेश्वर का न्याय और रूथ की विजय
भजन संहिता 10 की कहानी हिंदी में: एक समय की बात है, जब धरती पर अनेक लोग परमेश्वर की उपेक्षा करते हुए अपने मन की मनमानी कर रहे थे। वे दुष्ट और अहंकारी थे, और उन्हें लगता था कि परमेश्वर…
दुष्टों का अंत और परमेश्वर का न्याय – जोफर की शिक्षा
एक बार की बात है, जब अय्यूब के मित्र जोफर नाम्मी ने उससे बात करते हुए एक गहरी शिक्षा दी। जोफर ने अय्यूब को समझाने की कोशिश की कि दुष्टों का अंत हमेशा दुःखदायी होता है। उसने अपनी बात को…
यरूशलेम की पुनर्स्थापना और निवासियों का चयन
यह कहानी नहेम्याह की पुस्तक के अध्याय 11 पर आधारित है, जो यरूशलेम की पुनर्स्थापना और उसमें बसने वाले लोगों के बारे में है। यह कहानी विस्तृत और वर्णनात्मक शैली में लिखी गई है, जो बाइबल के सिद्धांतों और ऐतिहासिक…









