पवित्र बाइबल

यादों के मैदान में ओग का युद्ध

(यह कथा एक वृद्ध सैनिक के स्मरणों के रूप में है, जो मोआब के मैदानों में विश्राम करते हुए अतीत को याद करता है।)

हवा में नमक और धूल की हल्की-सी गंध थी। यर्दन नदी के उस पार की पहाड़ियाँ साँझ की लाली में डूब रही थीं, मानो उनके कंधों पर आग लदी हो। मैं एक पत्थर पर टेक लगाए बैठा था, और मेरी पीठ में वह पुराना दर्द उठ रहा था जो बाशान के ऊँचे गढ़ों से गिरते समय आई चोट की याद दिलाता है। आँखें मूँदते ही वह सब फिर सजीव हो उठता – आवाज़ें, चीखें, पत्थरों की गड़गड़ाहट, और उससे ऊपर, हमारे ईश्वर का वादा, जो हवा में लहराते ध्वजा की तरह हमारे सामने रहता।

उस समय हम सब युवा थे। मूसा की आवाज़ में एक अद्भुत दृढ़ता थी, वह आवाज़ जो चट्टानों से टकराकर गूँजती थी। “सिहोन को हरा दिया है,” उन्होंने कहा, “अब बाशान का राजा ओग आगे खड़ा है। उसके शहर चारों तरफ़ पत्थर की दीवारों से घिरे हैं, दरवाज़े लोहे के हैं। वह रपाईम में से बचा हुआ है, एक दैत्याकार कुल का। लोग कहते हैं कि उसका पलंग लोहे का बना है, बाशान में अब तक वह रब्बा के बेटों की नगरी में पड़ा है। क्या तुम डरते हो?”

हम नहीं डरे। डरना तो जैसे भूल ही गए थे। जब सागर को चीर कर निकले हों, जब आकाश से मन्ना गिरता देखा हो, तो फिर पत्थर की दीवारें क्या चीज़ हैं? हमारा विश्वास हमारी तलवार से अधिक पैना था। और ईश्वर ने हमसे कहा था – “डरो मत, क्योंकि मैं तुम्हारे हाथों में उसे और उसकी सारी सेना और उसके देश को सौंप देता हूँ।”

याद आती है वह लड़ाई। एद्रेई का मैदान, जहाँ ओग ने अपनी सारी शक्ति एकत्र की थी। हम घाटी में उतरे, और उनका सामना हुआ। सूरज की रोशनी उनके भाले और ढालों पर चमक रही थी, पर हमारे लिए वह चमक डरावनी नहीं थी। ऐसा लगा जैसे स्वयं प्रभु हमारे आगे-आगे चल रहे हैं। उसकी उपस्थिति हवा में थी, धूल के बवंडर में, हमारे दिलों की धड़कन में। हमने उन्हें पूरी तरह से परास्त कर दिया। एक भी जीवित नहीं बचा। और फिर हमने उसके सारे नगर ले लिए – अर्गोब का इलाका, बाशान के ओग के राज्य के साठ नगर, ऊँची दीवारें, दरवाज़े, सब। हर नगर को हमने नष्ट कर दिया, पुरुषों, स्त्रियों, बच्चों को, जैसा कि हमें आज्ञा थी। केवल पशु और लूट का माल हमने अपने लिए रख लिया।

कभी-कभी रात में, जब नींद उचट जाती है, तो उन नगरों की आवाज़ें सुनाई देती हैं – रोने की आवाज़, चीखें। पर मैं अपने मन को समझाता हूँ। यह हमारी इच्छा से नहीं, उसकी आज्ञा से हुआ। यह भूमि अशुद्ध थी, बुराई से भरी हुई। और प्रभु ने हमें विरासत में देने के लिए यह सब किया। रूबेन और गाद के लोगों ने, और मनश्शे के आधे गोत्र ने, उस पार की भूमि माँगी – याजेर का देश और गिलाद। मूसा ने उन्हें दे दिया, पर शर्त रखी कि वे अपने भाइयों के साथ यर्दन पार करके लड़ेंगे, जब तक कि शेष भूमि भी विरासत में नहीं मिल जाती।

मूसा। उनका चेहरा याद आता है, जब उन्होंने प्रभु से प्रार्थना की – “कृपया मुझे पार होने दो, कि मैं यर्दन के उस पार के अच्छे देश को, उस अच्छे पहाड़ को और लबानोन को देख सकूँ।” पर प्रभु का कोप उन पर हम लोगों के कारण भड़का था, और उसने कहा – “बस। मुझसे फिर इस विषय में कोई बात न कर। पिसगा पर चढ़ जा, और अपनी आँखों से चारों तरफ देख ले। पर तू यह यर्दन पार नहीं करेगा।”

मैंने उस दिन उनकी आँखों में एक ऐसा दर्द देखा था, जो किसी भौतिक घाव से कहीं गहरा था। इतना सब कुछ सहने के बाद, इतनी निकटता के बाद, केवल देखना, छूना नहीं। पर उन्होंने शिकायत नहीं की। बस, यहोशू को बुलाया, और उसके सामने कहा – “तेरी आँखों ने वह सब कुछ देखा है, जो प्रभु ने इन दोनों राजाओं के साथ किया। तेरे साथ भी प्रभु वैसा ही करेगा। उससे मत डर, क्योंकि प्रभु तेरे लिए लड़ेगा।”

अब मैं यहाँ बैठा हूँ। शरीर में जवानी का उत्साह नहीं रहा, पर आत्मा में वही आशा है। हमने पूर्व की भूमि बाँट ली है। मैंने अपने बेटों को बताया है कि कैसे प्रभु ने हमारे लिए लड़ाई लड़ी। और जब मैं यर्दन के पार उन पहाड़ों को देखता हूँ, तो जानता हूँ कि वह वादा सच होगा। मूसा नहीं जा पाएंगे, पर हम जाएँगे। क्योंकि प्रभु का वचन मनुष्यों के मार्ग से ऊपर है। वह हमें हमारे पापों के कारण दण्ड देता है, पर वाचा को नहीं तोड़ता।

हवा ठण्डी होने लगी है। दूर, छावनी में आग जल रही है, और कोई भजन गा रहा है। यह भूमि अभी विदेशी लगती है, पर कल यह हमारा घर होगी। और मेरे भीतर का वह युवा सैनिक अभी भी विश्वास करता है कि जिसने सिहोन और ओग को हराया, वह हमें हर विरोधी से बचा लेगा। बस, आगे बढ़ते रहना है। देखते रहना है। और याद रखना है कि यह सब हमारी तलवार के बल से नहीं, बल्कि उसकी प्रतिज्ञा के कारण हुआ है।

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