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पहाड़ों से बड़ा खजाना

वह दिन भी एक साधारण सा दिन था। पहाड़ियों की चोटियाँ सुबह की धुंध में डूबी हुई थीं, और हवा में गीली मिट्टी की महक थी। किशन लाल, जो अपने खेतों में फसल काटने जा रहा था, रुक गया। उसकी…

राजा की रात और मोर्दकै का सम्मान

उस रात राजा अहश्वेरोश को नींद नहीं आई। यह कोई असाधारण बात नहीं थी—एक साम्राज्य, जो हिन्दुस्तान से कूश तक फैला हो, उसके चिंताएँ भी उतनी ही विशाल होती हैं। पर उस रात चिंता नहीं, एक अशांति थी, जैसे हवा…

गिबोन में सुलैमान की बुद्धि की याचना

धूप ढलने लगी थी जब सुलैमान यरूशलेम की ऊँची दीवारों से नीचे उतरा। उसके पिता दाऊद का नगर अब उसकी गद्दी थी, पर आज उसका मन भारी था। राजमहल की ठंडी पत्थर की सीढ़ियों पर उसकी परछाई लंबी पड़ रही…

याकूब का अंतिम आशीर्वाद

वह दिन ढलने को था। तम्बू के भीतर हवा में जैसे एक गहरी, पुरानी गंध थी – जड़ी-बूटियों की, सूखे ऊन की, और समय की। याकूब बिस्तर पर पड़ा था, पर उसकी आँखें बुझी नहीं थीं। शरीर टूट रहा था,…

पौलुस का सत्य संघर्ष

वह यरूशलेम की सड़कें जो मैं चल रहा था, वे सिर्फ पत्थर नहीं थीं। हर कदम इतिहास से रूबरू करा रहा था। चौदह साल बाद लौटा था मैं, और हवा में भी बदलाव महसूस हो रहा था। बरनबास साथ था,…

एकता की दिव्य यात्रा

ये कहानी है एक गाँव की, जो नदी के किनारे बसा था। सुबह की धूप जब पहली किरणें लेकर आती, तो पुराने पीपल के पेड़ की छाँव में बैठकर लोग चर्चा करते। उनमें से एक थे पंडित जी, जिनकी उम्र…

पतरस का दर्शन और अन्यजातियों का बपतिस्मा

यरूशलेम की गलियों में धूप की किरणें पत्थरों पर नाच रही थीं। पतरस शहर के उस हिस्से में लौट आया था जहाँ हवा में हमेशा नमक और जलाई हुई लकड़ी की महक तैरती रहती थी। वह सीधे चलकर एक ऊँचे…

पाँच रोटियों का चमत्कार

उस दिन की शुरुआत धुंधली सुबह से हुई। झील का पानी स्लेटी रंग लिए हुए था, और हवा में नमक की एक बारीक महक तैर रही थी। यीशु ने अपने चेलों से कहा, “चलो, हम दूसरी ओर चलते हैं।” नाव…

येशु की परीक्षा

यहूदिया के सुनसान इलाके की धूप तेज थी, ऐसी कि पथरीली जमीन से लपलपाती लहरें उठ रही थीं। येशु अकेले चल रहे थे, उनके होठ सूखे हुए थे और पैरों में धूल के कण चिपक गए थे। चालीस दिन और…

नाहूम का दैवीय सन्देश

वह दिन ऐसा था जैसे सारी सृष्टि साँस रोके खड़ी हो। हवा में धूल के कण तैर रहे थे, और सूरज की तपिश ने माथे पर पसीना ला दिया था। नाहूम अपनी झोंपड़ी के बाहर बैठा था, और उसकी आँखों…