प्रभु का सुधार और इस्राएल का पतन
यह कहानी उस समय की है जब उत्तरी राज्य इस्राएल में राजा जकर्याह की हत्या के बाद शल्लुम महज एक महीने तक राजा रह पाया था। फिर मनाहेम ने सत्ता हथिया ली। समरिया की पहाड़ियों पर जैतून के पेड़ झूम…
यहेजकेल की अराव पर्वत भविष्यवाणी
एक समय की बात है, जब परमेश्वर का वचन यहेजकेल नबी पर आया। वह दिन ठीक वैसा ही था जैसे अराव पर्वत के दिन हुआ करते थे – हवा में रेत की महीन परत, सूरज की किरणें पहाड़ों की चट्टानों…
चेतन की दिव्य यात्रा
एक सुनसान पहाड़ी के किनारे बैठा चेतन आँखें बंद किए हुए था। हवा में उड़ती धूल की महक, दूर बहती नदी की कलकल, और पत्तियों की सरसराहट—सब कुछ सामान्य लग रहा था, मगर उसके भीतर कुछ टूट रहा था। अचानक…
यिर्मयाह और हनन्याह का संघर्ष
येरूशलेम के मंदिर के प्रांगण में सन्नाटा छाया हुआ था। सुबह की धूप दीवारों पर पड़ रही थी, और हवा में धूप-धूप सी गंध थी। यिर्मयाह के कंधों पर लकड़ी का जुआ था, जो बैलों के जुए जैसा दिखता था।…
विश्वास या भागो
येरुशलेम की उन गलियों में जहाँ एक समय भजनों की मधुर स्वरलहरियाँ गूँजा करती थीं, अब केवल चिंता के स्वर सुनाई देते थे। हिजकिय्याह के शासनकाल के उन दिनों में यहूदा के लोग एक अजीब सी उलझन में फँसे हुए…
प्रेम की अनंत प्रतीक्षा
शाम का सूरज ढलते ही जैसे पूरा महल सोने की लिबास में लिपट गया। दूर बाग़ में खिले चमेली के फूलों की खुशबू हवा में तैर रही थी, पर शुलमीथ का दिल बैठा जा रहा था। वह खिड़की के पास…
शांति का मार्गदर्शक
बूढ़े इलियाह की झोंपड़ी में चूल्हा ठंडा पड़ा था। सुबह की पहली किरण ने उसके चेहरे पर सोने की लकीरें खींच दीं, पर उसकी आँखों में एक अजीब सी शांति थी। बाहर बरगद के पेड़ के नीचे उसका पोता दानिय्येल…
सच्ची आराधना का प्रकाश
आज सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। पुराने ज़माने के उस गाँव की गलियों में धूप की एक किरण भी नहीं आ रही थी। गोपाल अपनी झोपड़ी के सामने बैठा हुए था, और उसकी आँखें दूर पहाड़ों…
प्रकाश का आध्यात्मिक जागरण
वह सुबह धुंधली थी। पुरानी लकड़ी की चौखट पर बैठे प्रकाश की आँखों में नमी थी। बरसों पहले बनी इस झोंपड़ी की दीवारों पर समय की धूल जम चुकी थी, पर आज सुबह-सुबह ही उसके मन में एक अजीब सी…
आत्मिक तूफान से शांति
वह सुबह ठंडी थी, पर सूरज की किरणें खिड़की के शीशे से टकराकर कमरे में बिखर रही थीं। दाऊद अपनी कुर्सी पर बैठा खिड़की के बाहर देख रहा था। बाग़ में सेब के पेड़ लदे हुए थे, पक्षी डालियों पर…









