दो साक्षियों की शक्ति
यह प्रकाशितवाक्य की ग्यारहवीं अध्याय की कहानी है, जो हमें दो साक्षियों के विषय में बताती है। परमेश्वर ने मुझे यूहन्ना को दर्शन दिया, और उसने एक सुनहरी नापने की छड़ी देखी। एक स्वर्गदूत खड़ा हुआ और कहा, “उठ, और…
एलियाब का अतिथि सत्कार
यहूदिया के एक छोटे से गाँव में, एलियाब नाम का एक बूढ़ा मसीही विश्वासी रहता था। वह प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर अपनी मिट्टी की झोंपड़ी के सामने बैठकर परमेश्वर से प्रार्थना करता। एक दिन, जब सूरज की किरणें पहाड़ियों को…
थिस्सलुनीके विश्वास की कसौटी
पौलुस और सीलास थिस्सलुनीके की मण्डली के लिए बहुत चिन्तित थे। उन्हें डर था कि कहीं उन पर आए हुए क्लेशों ने उनके विश्वास को डगमगा न दिया हो। अथेन्स में अकेले बैठे-बैठे पौलुस का मन बेचैन हो उठा। एक…
मिट्टी के बर्तनों में खजाना
एक समय की बात है, जब प्रेरित पौलुस कुरिन्थुस की मण्डली को एक पत्र लिख रहे थे। उनके हाथ में कलम थी, परन्तु उनके हृदय में परमेश्वर का आत्मा बोल रहा था। वह एक ऐसा सन्देश लिखना चाहते थे जो…
इब्राहीम का महान विश्वास
यह कहानी उस महान विश्वास की है जो इब्राहीम ने परमेश्वर में दिखाया था। उन दिनों में जब संसार अंधकार में डूबा हुआ था, इब्राहीम एक साधारण मनुष्य थे, जो अपने पितरों के देवताओं की पूजा करते थे। परन्तु एक…
दानिय्येल का भविष्य दर्शन
यह कहानी दानिय्येल अध्याय 8 के आधार पर विस्तृत रूप से प्रस्तुत की गई है: शुसान नगर के राजभवन में दानिय्येल विचारमग्न बैठे थे। उसने देखा कि वह ऊलाई नदी के किनारे खड़ा है। आकाश में स्वर्णिम प्रकाश फैलते हुए…
अम्मोन पर प्रभु का न्याय
यिर्मयाह 49 के आधार पर एक विस्तृत कहानी: प्रभु का वचन नबी यिर्मयाह के पास आया, जब अम्मोन के लोगों ने यहूदा के विरुद्ध अहंकार से भरी बातें कीं। प्रभु ने कहा, “क्या इस्राएल का कोई पुत्र नहीं? क्या उसका…
यिर्मयाह की भविष्यवाणी
एक समय की बात है, यरूशलेम के गलियारों में भविष्यद्वक्ता यिर्मयाह परमेश्वर का वचन सुनकर विचारमग्न बैठे थे। उनके हृदय में यहोवा की ओर से एक गहरी पीड़ा थी, क्योंकि उन्हें यहूदा के लोगों के पापों और उनके हृदय की…
मिस्र का आध्यात्मिक परिवर्तन
यशायाह अध्याय १९ के आधार पर एक विस्तृत कहानी: मिस्र की धरती पर भयंकर संकट छाया हुआ था। नील नदी का जल सूखने लगा था और उसका प्रवाह धीमा पड़ गया था। नदी के तट पर बसे गाँवों के लोग…
राजा की जीवन सीख
एक समय की बात है, यरूशलेम के एक बुद्धिमान राजा ने, जो स्वयं को सभी सांसारिक सुखों में डुबो चुका था, एक गहन चिंतन किया। वह महल के उस ऊँचे कमरे में बैठा था जहाँ से संपूर्ण नगर दिखाई देता…









