पवित्र बाइबल

आँसुओं से बोना हँसी से काटना

वह सुबह ठंडी थी। यरूशलेम की पहाड़ियों पर हवा में अभी भी रात की सिहरन लिपटी हुई थी। एलियाव की आँखें, समय से पहले ही झुर्रियों से भर गई थीं, पूर्व दिशा में उस धुंधली पट्टी को ताक रही थीं…

अदृश्य न्याय की धारा

(एक दृष्टान्त) बरसात के बाद की साँझ थी। आकाश में बादलों के फाहे अभी तक छितरे हुए थे, और हवा में गीली मिट्टी की सोंधी महक तैर रही थी। अनूप अपनी झोंपड़ी के सामने बैठा, एक पुरानी चटाई पर टिका,…

शरण शिला की अटूट शांति

वह दिन ऐसा था जैसे पहाड़ों ने आकाश को निगल लिया हो। घने, स्लेटी बादलों ने सूरज की सांस रोक दी थी, और हवा में एक ठंडी, चुप्पी बिछी थी। अनील अपनी झोंपड़ी के बाहर बैठा, एक पुरानी चट्टान पर…

प्रार्थना से मिली नई सुबह

वह रात ऐसी थी मानो अँधेरे ने सब कुछ निगल लिया हो। हेमंत की हवा में सन्नाटा बोल रहा था, और मैं अपनी झोंपड़ी के कोने में सिकुड़ा, अपने दर्द से लड़ रहा था। बुखार तो था ही, पर उससे…

परमेश्वर और अय्यूब: बेहेमोथ का दर्शन

हवा अब भी गर्म और भारी थी, पर उस तूफ़ान की चीख-पुक कुछ कम हो आई थी। अय्यूब अपने टाट पर बैठा, उसकी आँखें अब भी उस विशाल, अनंत आकाश की ओर टिकी थीं, जहाँ से वह आवाज़ उतरी थी।…

विदेशी विवाह और एज्रा का विलाप

जेरुशलम की दोपहरी धूल भरी और सूनी थी। एज्रा, शास्त्रियों का शास्त्री, अपने कमरे की खिड़की पर खड़ा हुआ सोच रहा था। बाहर, शहर की दीवारें अभी भी पुराने जख्मों की तरह दिख रही थीं, चिनाई के नए पत्थर पुराने…

अबीजा की विश्वास विजय

शुरुआत उस समय की है जब यहूदा के राजा अबीजा ने शासन संभाला। वह रहबोआम का पुत्र और सुलैमान का पोता था। राज्य अभी बंटा हुआ था—यहूदा और बिन्यामीन के गोत्र उसके साथ थे, जबकि दस गोत्र यरोबाम के नेतृत्व…

गिलबोआ पर राजा शाऊल का अंत

गिलबोआ के उन निर्जन पहाड़ों पर सांझ की हवा ने एक अजीब सी सनसनी फैला रखी थी। ऐसा लग रहा था जैसे पहाड़ियाँ खुद ही दुख की एक भारी चुप्पी ओढ़े हुए थीं। दिन भर से युद्ध की गड़गड़ाहट धीरे-धीरे…

तीन राजाओं की विजय और एक पिता का बलिदान

यह वह समय था जब यहोराम इस्राएल के राजगद्दी पर बैठा। वह अहाब का पुत्र था, किंतु उसने बाल की मूर्तियों को हटा दिया था, हालाँकि वह नबाट के पुत्र यारोबाम के पापों से पूरी तरह दूर नहीं हुआ था।…

भविष्य का राजा: दाऊद का अभिषेक

शमूएल बूढ़े हो रहे थे। उनकी आँखों की रोशनी धुंधली पड़ती जा रही थी, पर दिल की नज़र अब भी तेज़ थी। वह रामा में अपने घर में बैठे यह सोच रहे थे कि शाऊल के पतन की ख़बर सुनकर…