पवित्र बाइबल

धन नहीं परमेश्वर से मिली सच्ची शांति (Note: The title is 49 characters long, within the 100-character limit, and removes symbols/quotes as requested.)

**एक अर्थपूर्ण कहानी: व्यर्थता के बीच ईश्वर की खोज** एक समय की बात है, यरूशलेम के पास एक धनी व्यक्ति रहता था, जिसका नाम मल्कीयाह था। वह बहुत सम्पन्न था—उसके पास सोने-चाँदी के भंडार, विशाल खेत, और सेवकों की एक…

बुद्धिमान राजा सुलैमान और युवा प्रिंस की शिक्षा

**प्रेरित वचनों की कहानी: बुद्धिमान राजा और युवा प्रिंस** एक समय की बात है, जब इस्राएल के महान राजा सुलैमान, जिन्हें परमेश्वर ने असीम बुद्धि प्रदान की थी, अपने पुत्र को जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षाएँ दे रहे थे। एक शांत…

प्रभु की दया की प्रतीक्षा: एक विश्वास की कहानी

**भजन संहिता 123 पर आधारित एक विस्तृत कहानी** **शीर्षक: “प्रभु की दया की प्रतीक्षा”** यरूशलेम के पास एक छोटे से गाँव में एक वृद्ध व्यक्ति रहता था, जिसका नाम एलीआकीम था। वह अपने परिवार के साथ एक साधारण जीवन जीता…

सर्वशक्तिमान की छाया में सच्ची शरण

**भजन संहिता 91: एक विस्तृत कथा** **शीर्षक: “सर्वशक्तिमान की छाया में शरण”** प्राचीन समय में यरूशलेम के निकट एक छोटे से गाँव में योनातान नाम का एक धर्मपरायण व्यक्ति रहता था। वह प्रतिदिन भजन संहिता का पाठ करता और परमेश्वर…

प्रभु मेरा प्रकाश और मेरी रक्षा दाऊद की कहानी

**भजन संहिता 27 पर आधारित एक विस्तृत कहानी** **शीर्षक: “प्रभु मेरा प्रकाश और मेरी रक्षा”** एक समय की बात है, यरूशलेम के पास एक छोटे से गाँव में दाऊद नाम का एक युवक रहता था। वह अपने माता-पिता के साथ…

एलीपज की सलाह और अय्यूब की पीड़ा में परमेश्वर की महिमा

**कहानी: एलीपज की सलाह और परमेश्वर की महिमा** एक समय की बात है, जब अय्यूब अपने दुखों से घिरा हुआ था। उसके सारे बच्चे मर चुके थे, उसकी संपत्ति नष्ट हो गई थी, और उसका शरीर दर्द से तड़प रहा…

होशे 14: प्रभु की करुणा और इस्राएल की वापसी की कहानी (Note: The title is within 100 characters, symbols like asterisks and quotes are removed, and it captures the essence of the story.)

# होशे 14: प्रभु की करुणा और इस्राएल की वापसी ## अध्याय 1: पतन और पश्चाताप उत्तरी इस्राएल के पहाड़ों और घाटियों में एक गहरा अंधकार छाया हुआ था। प्रभु के भविष्यवक्ता होशे ने देखा कि कैसे लोगों ने असीरिया…

एजेकील का दर्शन पवित्र मंदिर के कक्षों का

**एजेकील 42: पवित्र भवन के कक्षों का वर्णन** पवित्र नगर यरूशलेम में, भविष्यद्वक्ता एजेकील परमेश्वर के आत्मा से भरपूर थे। उन्होंने एक अद्भुत दर्शन देखा—एक स्वर्गीय दूत उन्हें एक ऊँचे पर्वत पर ले गया, जहाँ एक विशाल और पवित्र मंदिर…

यहेज्केल 10: प्रभु की महिमा का मंदिर से विदा होना

**यहेज्केल 10: प्रभु की महिमा का मंदिर से प्रस्थान** यहेज्केल नबी बाबुल की नदी के किनारे बंधुओं के बीच बैठे थे, जब प्रभु का वचन उन पर प्रगट हुआ। उन्होंने देखा कि आकाश खुल गया और परमेश्वर की दिव्य दर्शन…

रकाबी लोगों की वफादारी और परमेश्वर की शिक्षा

**यिर्मयाह 35: रकाबी लोगों की वफादारी** यहूदा के राजा यहोयाकीम के दिनों में, जब बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर ने यरूशलेम को घेर लिया था, तब परमेश्वर का वचन यिर्मयाह नबी के पास आया। यहोवा ने उससे कहा, “यिर्मयाह, रकाबी लोगों…