पवित्र बाइबल

अय्यूब का अटूट विश्वास

आज सूरज डूबते ही मेरी साँसें भी मानो थम सी गईं। हवा में लटकता धुँधलका मेरे कमरे के कोनों में समा गया है, पर मेरी आँखों के सामने तो अँधेरा बस पिछले कई महीनों से ही पसरा हुआ है। मेरे…

दाऊद और अम्मोनियों का युद्ध

वह दिन ठंडी हवा के झोंकों के साथ शुरू हुआ था। राजा दाऊद की राजधानी में सुबह की रोशनी पहाड़ियों पर सोने जैसी चमक बिखेर रही थी। महल के अहाते में एक दूत सांस उखाड़ता हुआ दौड़ा आया। उसकी आँखों…

सुलैमान का न्याय और राज्य स्थापना

सुलैमान के राज्याभिषेक के बाद का समय था। दाऊद बूढ़ा हो चला था, उसकी आँखों में अब वह चमक नहीं रही थी जो एक समय गोलियत का सामना करते समय दिखाई देती थी। महल के भीतर की हवा में मृत्यु…

दान गोत्र की विजय यात्रा

उन दिनों में इज़राइल का कोई राजा नहीं था। दान के गोत्र के लोग अपनी विरासत की खोज में थे, क्योंकि उन्हें अभी तक इज़राइल के अन्य गोत्रों के बीच अपना निजी भूभाग नहीं मिला था। एक साँझ की बात…

मूर्ति विध्वंस और एकता का सफर

वह दिन ठंडी हवा के झोंकों के साथ शुरू हुआ। मोशे की आवाज़ चट्टानी पहाड़ियों से टकराकर गूँज रही थी, मानो स्वयं पर्वत उसकी बातों को दोहरा रहे हों। भीड़ में खड़ा यहोशू अपने पिता नून की पीठ थपथपा रहा…

कोरह का विद्रोह और हारून की लाठी

वह सुबह सामान्य ही शुरू हुई थी। सूरज की किरणें सिनाई की पहाड़ियों पर पड़ रही थीं और मरुभूमि की रेत धीरे-धीरे गर्म होने लगी थी। लेकिन हवा में एक अजीब सी बेचैनी थी, जैसे कोई तूफान आने वाला हो।…

शुद्ध और अशुद्ध का मार्ग

वह सुबह धीरे-धीरे आई, जैसे कोई बूढ़ा याजक मंदिर के पर्दे हटा रहा हो। रेगिस्तान की रेत पर सूरज की पहली किरणें ऐसे पड़ रही थीं मानो स्वर्णिम अक्षर लिखे जा रहे हों। मूसा ने अपनी लाठी ज़मीन पर टिकाई…

सीनै परमेश्वर की वाचा

तीसरे महीने के ठीक उस दिन, जब इस्राएल की संतानें मिस्र से निकलकर सीनै के रेगिस्तान में पहुँची थीं, वह सुबह एक अजीब सी गर्म हवा के झोंके के साथ शुरू हुई। मूसा अपनी झोपड़ी से बाहर निकले तो देखा…

आदम से नूह तक पीढ़ियों की गाथा

एक समय था जब धरती अब भी नई थी, और आदम की आत्मा की गूँज अब भी हवा में तैरती थी। उसकी आँखों में देखे गए स्वर्ग की स्मृति, उसकी हथेली पर महसूस किए गए ईश्वर के स्पर्श की अनुभूति,…

दो साक्षियों की शक्ति

यह प्रकाशितवाक्य की ग्यारहवीं अध्याय की कहानी है, जो हमें दो साक्षियों के विषय में बताती है। परमेश्वर ने मुझे यूहन्ना को दर्शन दिया, और उसने एक सुनहरी नापने की छड़ी देखी। एक स्वर्गदूत खड़ा हुआ और कहा, “उठ, और…