अय्यूब की पीड़ा और दुष्टों का सुख
एक समय की बात है, जब अय्यूब नामक एक धर्मी व्यक्ति अपने दुखों से घिरा हुआ था। वह अपने मित्रों के साथ बैठकर अपने मन की पीड़ा को व्यक्त कर रहा था। उसने अपने मित्रों से कहा, “सुनो, मेरी बात…
यरूशलेम की दीवारों का पुनर्निर्माण और समर्पण
यह कहानी नहेम्याह 12 के आधार पर है, जो यरूशलेम की दीवारों के पुनर्निर्माण और उनके समर्पण के बारे में है। यह घटना इस्राएलियों के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मोड़ थी। यह कहानी विस्तार से और विवरणों के…
उज्जिय्याह: उत्थान और पतन की प्रेरणादायक कहानी
2 इतिहास 26 की कहानी यहूदा के राजा उज्जिय्याह के जीवन और उसके शासनकाल पर आधारित है। उज्जिय्याह यहूदा के एक महान राजा थे, जिन्होंने अपने जीवन में परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन किया और अपने राज्य को समृद्धि और…
दाऊद की भक्ति और मंदिर की व्यवस्था
1 इतिहास 23 की कहानी को विस्तार से और जीवंत वर्णन के साथ प्रस्तुत करते हुए, हम इस प्रकार लिख सकते हैं: — दाऊद का जीवन अपने अंतिम दिनों में पहुँच चुका था। वह बूढ़ा हो गया था, और उसने…
राजा आहाज का पतन और यहोवा का क्रोध
2 राजाओं 16 की कहानी यहूदा के राजा आहाज के बारे में है, जो यरूशलेम में राज करता था। आहाज यहोवा की दृष्टि में बुरा काम करने वाला राजा था। उसने अपने पूर्वजों के मार्ग पर नहीं चला, बल्कि उसने…
कालेब का विश्वास और परमेश्वर का वादा
यहोशू 14 का अध्याय एक ऐसी कहानी सुनाता है जो विश्वास, धैर्य और परमेश्वर के वादों के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाती है। यह कहानी कालेब नामक एक व्यक्ति के बारे में है, जो यहूदा के गोत्र से था और…
मूसा द्वारा इस्राएल को परमेश्वर की व्यवस्था का उपदेश
**व्यवस्थाविवरण 16: एक विस्तृत कथा** यह कहानी उस समय की है जब इस्राएल के लोग मिस्र की दासता से मुक्त होकर वादा किए गए देश कनान की ओर बढ़ रहे थे। मूसा, परमेश्वर के चुने हुए सेवक, ने लोगों को…
कादेश में मूसा और हारून की परीक्षा: चट्टान से पानी का चमत्कार
**गिनती 20: कादेश में मूसा और हारून की परीक्षा** यह कहानी इस्राएलियों के जंगल में भटकने के चालीसवें वर्ष की है। वे कादेश नामक स्थान पर पहुँचे थे, जो कनान देश की सीमा के पास था। यह स्थान बंजर और…
लैव्यव्यवस्था 15: पवित्रता और शुद्धता की शिक्षा
लैव्यव्यवस्था 15 की कहानी हिंदी में: एक समय की बात है, जब इस्राएल के लोग सीनै पर्वत के पास डेरा डाले हुए थे। वे परमेश्वर की आज्ञाओं को सीख रहे थे और उनके अनुसार जीवन जीने का प्रयास कर रहे…
सीनै जंगल में परमेश्वर की आज्ञाएँ और इस्राएल का वचन
एक समय की बात है, जब इस्राएल के लोग मिस्र की गुलामी से मुक्त होकर सीनै के जंगल में पहुँचे थे। वहाँ परमेश्वर ने मूसा को बुलाया और उन्हें अपनी व्यवस्था और आज्ञाएँ दीं, ताकि वे उनके जीवन का मार्गदर्�न…