एज्रा की आस्था और यरूशलेम की पवित्र यात्रा

एज्रा 8 की कहानी हमें उस समय की ओर ले जाती है जब एज्रा, यहूदियों के एक समूह के साथ, बाबुल से यरूशलेम की ओर यात्रा कर रहा था। यह यात्रा केवल एक भौतिक यात्रा नहीं थी, बल्कि एक आध्यात्मिक…

परमेश्वर की पवित्रता और एलीशाफा का बलिदान

एक समय की बात है, जब इस्राएल के लोग सीनै पर्वत के पास डेरा डाले हुए थे। वे परमेश्वर की उपस्थिति में थे, और उन्हें उसकी आज्ञाओं का पालन करना था। परमेश्वर ने मूसा को बुलाया और उसे उन नियमों…

मिस्र पर परमेश्वर की विपत्तियाँ और इस्त्राएलियों की मुक्ति

एक बार की बात है, जब मिस्र देश में फिरौन का राज था। उस समय परमेश्वर ने मूसा को अपने लोगों, इस्त्राएलियों, को मिस्र की गुलामी से छुड़ाने के लिए भेजा था। परमेश्वर ने मूसा को आज्ञा दी कि वह…

पतमुस द्वीप पर यूहन्ना का दिव्य दर्शन

यह कहानी प्रकाशितवाक्य के पहले अध्याय पर आधारित है, जो यूहन्ना को दी गई यीशु मसीह की प्रकाशना को दर्शाता है। यह घटना पतमुस द्वीप पर घटित हुई, जहाँ यूहन्ना को परमेश्वर की महिमा और भविष्य की घटनाओं का दर्शन…

अमोस का संदेश: पापों से चेतावनी और परमेश्वर का न्याय

एक समय की बात है, जब परमेश्वर ने अमोस नामक एक चरवाहे को बुलाया। अमोस तकोआ के नगर में रहता था और वह भेड़-बकरियों को चराने का काम करता था। परमेश्वर ने उसे एक विशेष दर्शन दिया और उसे अपने…

परमेश्वर की चाहत: हृदय की ईमानदारी और आज्ञाकारिता

भजन संहिता 50 का यह कहानी एक गहरी आध्यात्मिक शिक्षा और परमेश्वर के न्याय और अनुग्रह के बीच के संतुलन को दर्शाता है। यह कहानी इस्राएल के लोगों और उनके परमेश्वर के बीच के संबंध को गहराई से समझाती है।…

दाऊद की प्रार्थना और परमेश्वर की महिमा

एक समय की बात है, जब दाऊद, इस्राएल का राजा, अपने जीवन के कठिन समय से गुजर रहा था। वह शाऊल, पूर्व राजा, के हाथों से बचकर भाग रहा था, क्योंकि शाऊल उसे मार डालना चाहता था। दाऊद ने अपने…

सलपहद की बेटियों का न्याय और विरासत

**कहानी: सलपहद की बेटियों की विरासत (गिनती 27)** उस समय इस्राएल के लोग मोआब के मैदान में डेरे डाले हुए थे। वे यरदन नदी के पूर्वी किनारे पर खड़े थे, जहाँ से वादा किए हुए देश कनान का दृश्य दिखाई…

परमेश्वर की पवित्रता और याजकों की आज्ञाकारिता

लैव्यवस्था 22 की कहानी हिंदी में: एक समय की बात है, जब इस्राएल के लोग सीनै पर्वत के पास डेरा डाले हुए थे। वे परमेश्वर के नियमों और आदेशों को सीख रहे थे, और मूसा उन्हें परमेश्वर की व्यवस्था सिखा…

यीशु का पुनरुत्थान: आशा और विश्वास की कहानी

लूका 24 का यह प्रसंग यीशु मसीह के पुनरुत्थान के बाद की घटनाओं को विस्तार से बताता है। यह एक ऐसी कहानी है जो आशा, विश्वास और परमेश्वर के वादों की पूर्ति को दर्शाती है। चलिए, इस कहानी को विस्तार…